देहरादून। उत्तराखंड में आईएफएस अफसर महातिम यादव के साथ पूरा आइएफएस कैडर खड़ा हो गया है। मामला पौड़ी के खांड्यूसैंण में हुई मानव वन्यजीव संघर्ष की घटना से जुड़ा है, जिसमें एक 4 साल की मासूम ने अपनी जान गंवा दी। घटना के बाद आक्रोशित भीड़ ने डीएफओ के साथ हाथापाई की, तो बाकी वन कर्मियों से भी बदसलूकी के आरोप लगे। खास बात ये है कि वन विभाग के तमाम दूसरे संगठनों ने भी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए कार्य बहिष्कार करने तक की चेतावनी दी है।
उत्तराखंड में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं लगातार चुनौती बनी हुई हैं। वन्यजीवों के हमलों में लोगों की जान जाने के बाद वन विभाग को स्थानीय लोगों के आक्रोश का सामना करना पड़ता है। पौड़ी जिला मुख्यालय के नजदीक खांड्यूसैंण में गुलदार के हमले में चार साल की बच्ची की मौत के बाद ऐसा ही घटनाक्रम सामने आया। घटना से गुस्साए लोगों ने न केवल वन विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। बल्कि, पौड़ी-देवप्रयाग राजमार्ग भी जाम कर दिया। इस दौरान मौके पर पहुंचे पौड़ी के डीएफओ महातिम यादव और वन विभाग की टीम के साथ भी हाथापाई की गई। इस घटना के बाद वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में भारी नाराजगी है। मामले में पुलिस ने संबंधित लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, भारतीय वन सेवा के अधिकारियों के संगठन ने भी इस घटना पर कड़ी नाराजगी जताई है. संगठन ने पत्र जारी कर डीएफओ महातिम यादव को समर्थन दिया और उनके साथ दुर्व्यवहार करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। दूसरी ओर सहायक वन कर्मचारी संघ ने भी घटना की निंदा करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग उठाई है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि मारपीट करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो कर्मचारी कार्य बहिष्कार के लिए मजबूर होंगे। सहायक वन कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष स्वरूप चंद्र रमोला ने कहा कि,
अधिकारी और कर्मचारियों के साथ जिस तरह का दुर्व्यवहार किया गया, वो निंदनीय है। संगठन इसकी कड़ी भर्त्सना करता है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करता है। उधर, वन मंत्री सुबोध उनियाल ने भी डीएफओ और वन विभाग की टीम के साथ हुई हाथापाई को निंदनीय बताया।






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