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  • Written By: Admin
  • Published: November 07, 2026 12:38 PM IST
राज्य

दीपावली पर्व पर 20 क्विंटल फूलों से सजा केदारनाथ धाम

रुद्रप्रयाग। दीपावली के पावन पर्व पर  केदारनाथ धाम के भव्य मंदिर परिसर और दरबार को लगभग 20 क्विंटल रंग-बिरंगे फूलों से आकर्षक ढंग से सजाया गया है।  केदारपुरी की अलौकिक छटा श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। दीपावली के उल्लास के बीच बाबा केदार का धाम नई छटा बिखेर रहा है।
इस पावन अवसर पर शनिवार को केदारनाथ धाम के क्षेत्रपाल एवं रक्षक भगवान भुकुंड भैरवनाथ जी के कपाट शीतकाल के लिए विधि-विधान एवं वैदिक धार्मिक परंपराओं के अनुसार बंद किए जाएंगे। भैरवनाथ जी के कपाट बंद होने के साथ ही भगवान केदारनाथ के धाम में शीतकालीन कपाट बंद होने की पारंपरिक धार्मिक प्रक्रिया का विधिवत शुभारंभ हो जाएगा।
बीकेटीसी) के सदस्य डॉ. विनीत चंद्र पोस्ती ने धाम से जानकारी साझा करते हुए देश एवं प्रदेशवासियों को दीपावली महापर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दी। उन्होंने बताया कि भगवान भुकुंड भैरवनाथ के कपाट बंद होने के धार्मिक अनुष्ठान में स्थानीय हक-हकूकधारी, तीर्थ पुरोहित समाज, मंदिर समिति के अधिकारी-कर्मचारी तथा पुलिस एवं स्थानीय प्रशासन के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे।
उन्होंने बताया कि धार्मिक परंपराओं के अनुसार भैरवनाथ जी के कपाट बंद होने के बाद बाबा केदार के शीतकालीन प्रवास की तैयारियां और कपाट बंद करने से जुड़े अनुष्ठान आगे बढ़ेंगे। आगामी 11 नवंबर को विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान केदारनाथ के कपाट शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे। विनीत चंद्र पोस्ती ने श्रद्धालुओं से अपील की कि दीपावली के पावन अवसर पर केदारनाथ धाम पहुंचकर दीप प्रज्वलित करें और बाबा केदार के दरबार में दीपोत्सव को श्रद्धा एवं उल्लास के साथ मनाएं। उन्होंने कहा कि धाम की धार्मिक मर्यादा, पवित्रता और गरिमा बनाए रखना प्रत्येक श्रद्धालु की जिम्मेदारी है। सभी भक्त व्यवस्थाओं में सहयोग करें तथा किसी भी प्रकार की अव्यवस्था एवं असामाजिक गतिविधियों से दूर रहकर शांति, सौहार्द और धार्मिक परंपराओं को बनाए रखने में सहभागी बनें। उन्होंने बाबा केदार से समस्त देशवासियों के सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य एवं मंगलमय जीवन की कामना की। फूलों की खुशबू, दीपों की रोशनी और हर-हर महादेव के जयघोष के बीच केदारपुरी में दीपावली का यह दिव्य उत्सव श्रद्धा और आस्था की अविस्मरणीय छाप छोड़ रहा है।

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