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  • Written By: Admin
  • Published: February 17, 2026 04:51 PM IST
  • Updated: February 17, 2026 04:57 PM IST
उत्तराखंड

ओएनजीसी में 'सक्षम' महोत्सव का समापन: "तेल-गैस बचाओ, हरित ऊर्जा अपनाओ" का गूंजा नारा; पूर्व PCCF जयराज बोले- 'पर्यावरण बचाने को सतत जीवनशैली जरूरी'

देहरादून। कौलागढ़ स्थित ओएनजीसी के ऑडिटोरियम में पिछले 15 दिनों से चल रहे राष्ट्रव्यापी ऊर्जा संरक्षण महोत्सव 'सक्षम' का भव्य समापन हुआ। "तेल और गैस बचाओ, हरित ऊर्जा अपनाओ" की थीम पर आधारित इस अभियान के जरिए ओएनजीसी ने आम नागरिकों, युवाओं और उद्योगों को ऊर्जा दक्षता के प्रति जागरूक किया। समापन अवसर पर मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त प्रमुख वन संरक्षक (PCCF) जयराज ने दीप प्रज्वलित कर नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण को अपनी नैतिक जिम्मेदारी मानने की अपील की।

अभियान की मुख्य झलकियां (Key Highlights)

  • पीयूसी शिविर: वाहनों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए निशुल्क पीयूसी (PUC) जांच शिविर लगाए गए।

  • महिला सशक्तिकरण: घरेलू गैस की बचत और सुरक्षा के लिए महिलाओं के लिए विशेष एलपीजी कार्यशाला का आयोजन हुआ।

  • जागरूकता का दायरा: देहरादून के घरेलू, परिवहन, औद्योगिक और कृषि क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण अंचलों तक ऊर्जा संरक्षण का संदेश पहुंचाया गया।

    विशेषज्ञों की राय: क्यों जरूरी है संरक्षण?

    समारोह में विशेषज्ञों ने देश की अर्थव्यवस्था और पर्यावरण पर ऊर्जा के प्रभाव को आंकड़ों के साथ साझा किया:

    1. अर्थव्यवस्था पर असर: मानव संसाधन सेवा प्रमुख नीरज कुमार शर्मा ने बताया कि भारत अपनी 85% तेल आवश्यकताओं का आयात करता है। उन्होंने सौर और पवन ऊर्जा के क्षेत्र में ओएनजीसी के बढ़ते कदमों की जानकारी दी।

    2. पर्यावरणीय संतुलन: पूर्व पीसीसीएफ जयराज ने चेतावनी दी कि वनों की कटाई से ग्रीनहाउस प्रभाव बढ़ रहा है। उन्होंने कार्बन डाइऑक्साइड संतुलन बनाए रखने के लिए वनों के महत्व पर प्रकाश डाला।

    3. युवाओं से अपील: बेसिन मैनेजर डॉ. आर. एस. टंडन ने ऊर्जा बचत के सरल नुस्खे साझा करते हुए इसे 'दैनिक आदत' बनाने का आह्वान किया।

      तकनीकी सेमिनार और पुरस्कार वितरण

      पखवाड़े के दौरान "सेव ऑयल एंड गैस, गो ग्रीन" विषय पर तकनीकी सेमिनार आयोजित किए गए, जिसमें विशेषज्ञों ने वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों पर चर्चा की। जनरल मैनेजर (टेक्निकल) एहतशामुल हक ने पखवाड़े की गतिविधियों की विस्तृत रिपोर्ट पेश की।

      विजेताओं का सम्मान: अभियान के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं (निबंध, चित्रकला और तकनीकी नवाचार) में भागीदारी निभाने वाले विजेताओं को मुख्य अतिथियों ने पुरस्कृत किया। अंत में सभी उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने ऊर्जा संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया। 

इनका रहा विशेष योगदान

कार्यक्रम को सफल बनाने में ओएनजीसी के वरिष्ठ अधिकारियों ब्रजेश कुमार यादव, के. एन. रमेश, संजीव कक्कड़ और एहतशामुल हक की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

"सक्षम अभियान केवल 15 दिनों का उत्सव नहीं है, बल्कि यह एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया होनी चाहिए ताकि हम अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रख सकें।"डॉ. आर. एस. टंडन, बेसिन मैनेजर

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