कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में जुआ और सट्टा माफियाओं के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने शहर के अलग-अलग वार्डों में दबिश देकर दो महिला सट्टेबाजों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। हैरानी की बात यह है कि ये महिलाएं पारंपरिक तरीके के साथ-साथ व्हाट्सएप ग्रुप (WhatsApp Groups) के माध्यम से 'खाईवाली' का हाईटेक नेटवर्क चला रही थीं।
केस 1: शिवाजी कॉलोनी: वार्ड नंबर 01 में पुलिस ने घेराबंदी कर नन्दिनी उर्फ नीलू गुप्ता को उसके घर के सामने ही सट्टा खिलाते पकड़ा। मौके से नगद कैश, पेन और अंकों वाली सट्टा-पट्टी बरामद की गई है।
केस 2: लोहाराना देवारपारा: वार्ड नंबर 05 में पुलिस ने दूसरी कार्रवाई करते हुए पूजा बांधेकर को दबोचा। वह भी सट्टा गतिविधियों के एक बड़े नेटवर्क से जुड़ी पाई गई।
व्हाट्सएप कनेक्शन: जांच में खुलासा हुआ कि दोनों महिलाएं विभिन्न व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर सट्टे का संचालन कर रही थीं, जिससे वे पुलिस की नजरों से बची रहती थीं।
गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल खंगाले, तो कई चौंकाने वाले नाम सामने आए हैं। व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए सट्टा खेलने और खिलाने वाले कई अन्य संदिग्धों के नाम पुलिस को मिल चुके हैं।
छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम: आरोपियों के खिलाफ नए सख्त कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है।
फरार आरोपियों की तलाश: पुलिस ने संकेत दिए हैं कि जल्द ही शहर के कुछ अन्य बड़े सट्टेबाजों पर भी शिकंजा कसा जाएगा।
पकड़ी गई महिलाएं केवल पैसे का दांव ही नहीं लगवा रही थीं, बल्कि वे मुख्य 'खाईवाल' के रूप में काम कर रही थीं। व्हाट्सएप पर अंकों का आदान-प्रदान और डिजिटल पेमेंट के जरिए यह पूरा काला कारोबार फल-फूल रहा था। कवर्धा पुलिस अब उन 'एडमिन्स' और मास्टरमाइंड्स तक पहुंचने की कोशिश कर रही है जो पर्दे के पीछे से इस नेटवर्क को खाद-पानी दे रहे थे।
"अवैध गतिविधियों के खिलाफ हमारा अभियान जारी रहेगा। सट्टेबाजी में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कोई भी हो। हम तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अन्य आरोपियों की तलाश कर रहे हैं।" — पुलिस प्रशासन, कवर्धा






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