पथरी पुलिस ने पथरी के धारीवाला गांव में सुरेश हत्याकांड का खुलासा करते हुए भतीजे सुनील को गिरफ्तार किया है। सुनील ने संपत्ति विवाद में अपने चाचा सुरेश की हत्या की और फांसी लगाने की झूठी कहानी गढ़ दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सुरेश की मौत गला घोंटकर होने की पुष्टि हुई, जिसके बाद पुलिस ने स्वतः मुकदमा दर्ज कर आरोपी सुनील को गिरफ्तार कर लिया।
03.12.2025 को प्राप्त पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण आत्महत्या नहीं, बल्कि strangulation पाया गया। चूंकि मृतक के कोई संतान या पत्नी नहीं थी, इसलिए परिवार द्वारा कोई तहरीर नहीं दी गई। इसलिए पुलिस ने खुद ही मुकदमा दर्ज किया।
पुलिस का शक उस व्यक्ति पर गया, जो सबसे ज़्यादा चिल्लाकर “फांसी” वाली कहानी सुनाकर रो रहा था। घटना के समय सबसे पहले सुनील ही सुरेश के पास पहुँचा था। सुनील ने घरवालों को बताया— “चाचा जी ने फांसी लगा ली… मैं उन्हें उतारकर खाट पर लिटा आया।”
पूछताछ के दौरान सुनील हार मान गया और उसने हत्या स्वीकार कर ली। उसने बताया कि सुरेश शराब पीकर आए दिन उसे गालियां देता था, अपमानित करता था और अपनी जमीन बेचने की बात करता था। सुनील के मन में जलन और गुस्सा बढ़ता गया। घटना के दिन अत्यधिक क्रोध में उसने चुन्नी से सुरेश का गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या के बाद वह घबरा गया और फांसी का नाटक रच दिया ताकि मामला आत्महत्या लगे।
थाना प्रभारी मनोज नौटियाल ने बताया कि 1 दिसंबर की रात लगभग नौ बजे, सुरेश शराब के नशे में अपने घर में लेटा था। इसी दौरान भतीजे ने चुन्नी से सुरेश का गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद हत्या को आत्महत्या का रूप देने के उद्देश्य से उसने मृतक के गले में वही चुन्नी बांधी और शव को टीनशेड के एंगल से लटकाने का प्रयास किया, लेकिन शरीर भारी होने के कारण नीचे गिर गया। अगली सुबह सुनील ने परिवार को स्वयं सूचना दी कि चाचा ने आत्महत्या कर ली है और उसने शव को नीचे उतार दिया।






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