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  • Written By: Admin
  • Published: November 15, 2025 05:05 PM IST
उत्तराखंड

“नैनीताल: विकास कार्यों में सुस्ती पर डीएम रयाल का सख्त रुख, विभागों को मिली अंतिम चेतावनी”

नैनीताल (भीमताल)। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने शनिवार को विकास भवन सभागार, भीमताल में जिले में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में जिला योजना, राज्य योजना, केंद्र पोषित एवं बाह्य सहायतित योजनाओं के तहत चल रहे कार्यों की वित्तीय और भौतिक प्रगति विभागवार परखी गई।

20-सूत्री कार्यक्रम की प्रगति पर कड़ी निगरानी
जिलाधिकारी ने 20-सूत्री कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न 42 मदों की स्थिति की समीक्षा की, जिसमें:

  • A श्रेणी – 22 विभाग

  • B श्रेणी – 10 विभाग

  • C श्रेणी – 5 विभाग

  • D श्रेणी – 5 विभाग

डीएम ने B, C और D श्रेणी में आने वाले विभागों से कड़े शब्दों में कहा कि सभी विभाग अपने लक्ष्यों को पूरा कर A श्रेणी में आएं। उन्होंने 5 मदों में D श्रेणी आने पर कड़ी नाराजगी जताई और संबंधित विभागों को चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी दशा में प्रदर्शन सुधारा जाए।

PMGSVY की धीमी प्रगति पर कड़ी फटकार
ग्रामीण कनेक्टिविटी से जुड़े प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (PMGSY) की धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी ने तीनों खंडों से आए अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा—
“PMGSVY ग्रामीण क्षेत्रों की गेम चेंजर योजना है। इसके क्रियान्वयन में लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”

डीएम ने निर्देश दिए कि:

  • दिसंबर माह तक इसे हर हाल में A श्रेणी में लाया जाए।

  • लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध वरिष्ठ अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाए।

  • अगली बैठक में स्पष्ट एवं तेज प्रगति दिखाई दे।

उन्होंने साफ कहा कि सड़कों की गुणवत्ता, समयबद्धता और पारदर्शिता में कोई समझौता स्वीकार नहीं होगा।

सूची प्रकाशन में लापरवाही पर भी निर्देश
सूची प्रकाशन में C श्रेणी आने पर जिलाधिकारी ने विभागों को सभी विकास कार्यों को सूचीबद्ध करने और नियमित प्रकाशन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी को विभागों के साथ समन्वय बनाकर सूची प्रकाशन सुनिश्चित करने को कहा गया।

धनराशि के समयबद्ध व्यय पर सख्त आदेश
जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि:

  • दिसंबर माह तक जिला योजना की पूरी धनराशि व्यय करना सुनिश्चित करें।

  • मार्च में धन खर्च करने की परंपरा खत्म की जाए।

  • सभी कार्य गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध पूरे हों।

  • अधिकारी स्वयं स्थल पर जाकर निरीक्षण करें।

  • धन का पूर्ण सदुपयोग विभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारी है।

उन्होंने SCP एवं TSP योजनाओं के कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण करने और शत-प्रतिशत लक्ष्य पूर्ति सुनिश्चित करने को कहा।

कई विभागों की धीमी प्रगति पर भी चेतावनी
लोक निर्माण विभाग, सिंचाई, समाज कल्याण, नलकूप, लघु सिंचाई, माध्यमिक शिक्षा, खेल एवं उरेडा विभागों की धीमी प्रगति पर भी जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाया और इसी माह के अंतिम सप्ताह तक शत-प्रतिशत धनराशि व्यय करने का निर्देश दिया।

वित्तीय प्रगति रिपोर्ट
जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी ने बताया:

  • जिला योजना में प्राप्त 7020.50 लाख में से 3871.04 लाख (55%) धनराशि व्यय हो चुकी है।

  • राज्य योजना – 64% व्यय

  • केंद्र पोषित योजनाएँ – 93% व्यय

  • बाह्य सहायतित योजनाएँ – 100% व्यय

बैठक में उपस्थित अधिकारी
एपीडी चंदा फर्त्याल, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी मुकेश नेगी, मुख्य कोषाधिकारी कमलेश भंडारी सहित सभी विभागों के अधिकारी बैठक में मौजूद रहे।

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