देहरादून। थानों क्षेत्र स्थित जामा मस्जिद को मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा सील करने के विरोध में मुस्लिम सेवा संगठन ने सड़कों पर उतरकर आन्दोलन शुरू कर दिया है। संगठन के पदाधिकारियों और स्थानीय लोगों ने डीएम कार्यालय तक मार्च निकालकर सरकार और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। प्रदर्शनकारियों ने मस्जिद सीलिंग की कार्रवाई को एकतरफा बताते हुए इसकी उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग की। साथ ही पांच सूत्रीय मांगों का ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
देहरादून के थानों क्षेत्र में स्थित जामा मस्जिद को तीन दिन पहले एमडीडीए ने सील किया है। जिसके बाद अब यह मामला तूल पकड़ता जा रहा है। कार्रवाई के विरोध में मुस्लिम सेवा संगठन के बैनर तले बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए। पुराने बस अड्डे मुस्लिम संगठन के लोग इकट्ठे हुए। पुलिस बल ने बेरीकेट्स लगाकर उन्हें रोक दिया।
संगठन के अध्यक्ष नईम कुरैशी ने कहा कि थानों की जामा मस्जिद वर्षों से क्षेत्र के लोगों की आस्था का केंद्र रही है। यहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग नमाज अदा करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया बिना किसी पूर्व सूचना, संवाद या वैकल्पिक प्रक्रिया के धार्मिक स्थल को सील करना न केवल अनुचित है। इससे हजारों लोगों की धार्मिक भावनाएं भी आहत हुई हैं। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई से क्षेत्र में असुरक्षा और असंतोष का माहौल पैदा हुआ है।
प्रदर्शन के बाद संगठन ने जिलाधिकारी के माध्यम से सरकार को पांच सूत्रीय मांगों का ज्ञापन भेजा। इसमें जामा मस्जिद की सीलिंग प्रक्रिया की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच, सभी पक्षों को सुनकर न्यायपूर्ण समाधान, धार्मिक स्वतंत्रता और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा, प्रशासन और स्थानीय प्रतिनिधियों के बीच तत्काल संवाद तथा धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों में पारदर्शी और समान नीति लागू करने की मांग शामिल है।
मुस्लिम सेवा संगठन के अध्यक्ष नईम कुरैशी ने बताया कि देहरादून के थानों इलाके मे एमडीडीए ने एक पुरानी मस्जिद को नक्शा न होने के कारण सील कर दिया है। उसके बाद मुस्लिम सेवा संगठन इस मामले को लेकर सड़कों पर उतरा। मुस्लिम सेवा संगठन ने जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।






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