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  • Written By: Admin
  • Published: November 15, 2025 01:57 PM IST
उत्तराखंड

आयकर विभाग की बड़ी रणनीति: ‘भोलेनाथ के भक्त’ बनकर देहरादून पहुंची टीम, 80 वाहनों पर लगाए गए ‘जय बद्री विशाल’ स्टिकर

छापेमारी को गोपनीय रखने के लिए अधिकारियों की खास रणनीति — तीर्थयात्री बनकर रुड़की के होटल में रुके

देहरादून में बड़े स्तर की टैक्स–इन्वेस्टिगेशन को पूरी गोपनीयता में अंजाम देने के लिए आयकर विभाग ने ऐसी रणनीति अपनाई, जिसकी किसी को भनक तक नहीं लगी। छोटे प्रदेश की संवेदनशीलता और नेटवर्क को देखते हुए विभाग ने पारंपरिक तरीकों के बजाय धार्मिक परिवेश का सहारा लिया।

कार्रवाई में शामिल सभी अधिकारी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों से बुलाए गए, और केवल इन्वेस्टिगेशन विंग के चुनिंदा कार्मिक ही ऑपरेशन में लगाए गए। लगभग 70–80 वाहनों के पूरे काफिले पर ‘जय बद्री विशाल’ के स्टिकर लगाए गए, ताकि लोग उन्हें तीर्थयात्रियों का समूह समझें और किसी तरह का संदेह न हो।

देहरादून में रुकने के बजाय, टीम ने रुड़की के एक होटल में धार्मिक यात्रियों की तरह चेक-इन किया। विभाग ने आशंका जताई थी कि इतनी बड़ी मूवमेंट होती ही शहर में चर्चा फैल सकती थी और ऑपरेशन के लीक होने का खतरा बढ़ जाता।

देहरादून पुलिस पर निर्भर न रहकर हरिद्वार से मंगाई फोर्स

आयकर विभाग ने एक और अतिरिक्त सावधानी बरतते हुए छापे के दिन स्थानीय लीक की संभावना को खत्म करने के लिए पुलिस बल देहरादून से नहीं लिया। इसके उलट हरिद्वार से करीब 100 पुलिसकर्मियों को चुपचाप बुलाया गया, जिन्हें आखिरी क्षण में ऑपरेशन का हिस्सा बनाया गया।

मंगलवार सुबह छापे शुरू होते ही विभाग ने असेसमेंट विंग के अधिकारियों को भी टीम में शामिल कर लिया। सूत्रों के अनुसार, इस बेहद सटीक और गोपनीय रणनीति की वजह से विभाग कर चोरी के एक बड़े नेटवर्क पर हाथ डाल चुका है। छापेमारी पूरी होने के बाद बड़े पैमाने पर कर चोरी के खुलासे की संभावना जताई जा रही है।

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