हरिद्वार। शुक्रवार सुबह अचानक हुई तेज बारिश ने हरिद्वार के लोगों को चिलचिलाती गर्मी से राहत देने का काम किया है। तो वहीं बारिश के कारण कई क्षेत्रों में जलभराव हो गया। जिससे नगर निगम की कार्यप्रणाली की पोल खुल गयी।
पिछले कई दिनों से हरिद्वार में पारा आसमान छू रहा था और भीषण गर्मी से लोग परेशान था। शुक्रवार को सुबह आसमान में हल्के बादल छाए हुए थे। सुबह साढ़े दस बजे करीब अचानक मौसम बदला और देखते ही देखते आसमान में काले बादल छाने लगे और फिर झमाझम बारिश होने लगी। अचानक हुई बारिश से लोगो को पिछले कई दिनों से हो रही भीषण गर्मी से राहत मिली है। वहीं बारिश इतनी तेज हुई कि कई जगहों पर जलभराव हो गया। हरिद्वार के ज्वालापुर क्षेत्र में तो जलभराव हो गया. जिसके चलते लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
हरिद्वार में पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी पड़ रही थी। लू के कारण लोगों का घर से बाहर तक निकलना मुश्किल हो गया था। हरिद्वार में इस बार अधिकतम 42 डिग्री सेंटीग्रेड तक तापमान पहुंच गया था। पिछले कई दिनों से 38 और 39 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच तापमान के चलते लोगों को गर्मी से परेशानी हो रही थी। लेकिन शुक्रवार को अचानक मौसम ने करवट ली और हरिद्वार में झमाझम तेज बारिश होने लगी। बारिश के कारण जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं कई क्षेत्रों में जल भराव की स्थिति भी देखने को मिली। खासकर जल भराव से हरिद्वार का ज्वालापुर क्षेत्र खासा प्रभावित दिखाई दिया। हरिद्वार के ज्वालापुर बाजार में जल भराव की समस्या तीन दशक पुरानी है। जब भी तेज बारिश होती है, तभी यहां की सड़कें तालाब में तब्दील हो जाती हैं। स्थानीय लोगों और व्यापारियों का आरोप है कि मानसून से पहले समय पर नालों की सफाई न होने से यह समस्या और भी ज्यादा परेशान करती है। अभी तो मानसून सीजन की शुरुआत भी नहीं है और हल्की सी बारिश में ही सड़कों पर पानी भर गया। राहगीरों के साथ साथ दुकानदारों को भी परेशानी झेलनी पड़ी।






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