रामनगर। वन ग्राम पूछड़ी में ग्रामीणों की बैठक में उत्तराखंड में बुलडोजर कार्रवाइयों पर रोक लगाने और वनभूमि पर बसे लोगों को अधिकार दिलाने की मांग को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। बैठक में तय किया गया कि 17 फरवरी, मंगलवार को हरिद्वार स्थित सैनी धर्मशाला में आयोजित संयुक्त संघर्ष समिति के जन सम्मेलन में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल होंगे।
ग्रामीणों ने मांग उठाई कि Forest Rights Act को प्रभावी रूप से लागू किया जाए तथा वनभूमि पर वर्षों से बसे सभी लोगों को मालिकाना हक दिया जाए। साथ ही 2016 के मालिन बस्ती अधिनियम को लागू करने और किसी भी व्यक्ति को बेदखल करने से पूर्व उसकी सहमति से पुनर्वास सुनिश्चित करने की मांग की गई।
बैठक में कहा गया कि सम्मेलन में कुमाऊं और गढ़वाल के विभिन्न क्षेत्रों से प्रभावित ग्रामीणों, शहरी बस्तियों के निवासियों, सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी होगी। समाजवादी लोकमंच के संयोजक मुनीष कुमार ने बताया कि यह पहली बार होगा जब बेदखली की मार झेल रहे ग्रामीण और शहरी बस्तियों के लोगों को एक साझा मंच पर लाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि ऋषिकेश, हरिद्वार, देहरादून, टिहरी और अन्य क्षेत्रों में संपर्क अभियान चलाया गया है ताकि अधिक से अधिक लोग सम्मेलन में शामिल हो सकें। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के समय जनता से वोट लेने वाले नेता सत्ता में आने के बाद उसी जनता को अवैध और घुसपैठिया बताकर बेदखल करने की कोशिश करते हैं। ऐसे में प्रभावित लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए सशक्त आंदोलन की आवश्यकता है।






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