हल्द्वानी में कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता डॉ. वी. मुरुगेशन (अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था) ने की, जिसमें नैनीताल और ऊधमसिंह नगर के पुलिस कप्तान और राजपत्रित अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में विशेष अपराधों, लंबित विवेचनाओं और सुरक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता की विस्तार से समीक्षा की गई। एडीजी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, थानों का नियमित निरीक्षण हो और लंबित माल का भौतिक सत्यापन अनिवार्य रूप से किया जाए।
उन्होंने ई-साक्ष्य और अन्य डिजिटल पोर्टलों पर डेटा एंट्री को तुरंत पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही यह भी सामने आया कि कुछ थानों में महिला अपराधों की विवेचना 60 दिन की निर्धारित अवधि में पूरी नहीं हो रही है, जिस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए सभी मामलों को प्राथमिकता के आधार पर समयसीमा में निपटाने को कहा।
नशा तस्करी के मामलों पर भी सख्त रुख अपनाते हुए एडीजी ने निर्देश दिए कि कमर्शियल क्वांटिटी के मामलों में जांच की गुणवत्ता बढ़ाई जाए और बड़े तस्करों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई कर उनकी संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया तेज की जाए।
इसके अलावा नाबालिगों और अन्य गुमशुदा व्यक्तियों की शत-प्रतिशत बरामदगी सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। लावारिस और अज्ञात शवों की पहचान के लिए तकनीकी साधनों और प्रचार-प्रसार का अधिक उपयोग करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक के अंत में एडीजी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जहां भी कार्यों में शिथिलता पाई जाएगी, वहां संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि डिजिटल और तकनीकी संसाधनों का अधिकतम उपयोग कर अपराध मुक्त समाज बनाना पुलिस की प्राथमिकता है।
इस दौरान डॉ. मंजूनाथ टी.सी., अजय गणपति, जितेंद्र चौधरी, डॉ. जगदीश चंद्र, मनोज कुमार कत्याल, उत्तम सिंह और स्वप्न किशोर सिंह सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।






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