ADVERTISMENT
  • Written By: Admin
  • Published: November 17, 2025 02:24 PM IST
उत्तराखंड

“फर्जीवाड़ा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं: धाकड़ धामी का सख्त संदेश”

हल्द्वानी में स्थायी निवास प्रमाण पत्रों में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सख्त शब्दों में कहा कि “उत्तराखंड की पहचान और व्यवस्था से छेड़छाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।” मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद जिला प्रशासन और पुलिस तंत्र एक्टिव मोड में आ गए हैं। अब पिछले पांच वर्षों में जारी सभी डोमिसाइल प्रमाण पत्रों की व्यापक और सघन जांच की जा रही है।

बता दें कि बनभूलपुरा क्षेत्र में स्थायी निवास प्रमाण पत्र जारी करने में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आने के बाद मामला गंभीर हो गया। 13 नवंबर को कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत की जांच में यह पाया गया कि अरायजनवीस फैजान मिकरानी ने किसी अन्य व्यक्ति के दस्तावेजों का गलत उपयोग कर कई बाहरी लोगों के लिए फर्जी डोमिसाइल तैयार किए।

जांच रिपोर्ट सामने आते ही प्रशासन और पुलिस में हड़कंप मच गया। शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले का संज्ञान लेते हुए गृह सचिव शैलेश बगौली को निर्देशित किया कि न केवल नैनीताल, बल्कि हरिद्वार, उधम सिंह नगर और देहरादून जिलों में भी इसी तरह के फर्जीवाड़े की आशंका को ध्यान में रखते हुए सख्त जांच की जाए।

इसके बाद नैनीताल के जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने सभी उपजिलाधिकारियों को आदेश जारी किए कि पिछले पांच वर्षों में बनाए गए सभी स्थायी निवास प्रमाण पत्रों की गहनता से, दस्तावेज-दर-दस्तावेज जांच की जाए। डीएम ने निर्देश दिया है कि जिन क्षेत्रों में डोमिसाइल बड़ी संख्या में जारी किए गए, वहां की जांच प्राथमिकता के आधार पर की जाए।

इधर, एसडीएम हल्द्वानी राहुल साह ने तुरंत जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। डीएम रयाल ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी तरह की गड़बड़ी पाए जाने पर सीधे प्राथमिकी दर्ज की जाएगी, चाहे वह सरकारी कर्मचारी हो, दस्तावेज तैयार करने वाला एजेंट हो या लाभ पाने की कोशिश करने वाला व्यक्ति।

हल्द्वानी में उजागर हुआ यह मामला न केवल प्रशासनिक लापरवाही का संकेत है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि फर्जी दस्तावेजों के सहारे राज्य की संवेदनशील व्यवस्थाओं को गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है। सरकार और प्रशासन की इस संयुक्त कार्रवाई से उम्मीद की जा रही है कि भविष्य में ऐसे फर्जीवाड़ों पर कड़ी रोक लग सकेगी।

ADVERTISMENT

Today’s ePaper

Read today’s ePaper
ADVERTISMENT
ADVERTISMENT
×