जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में शुक्रवार को ऋषिपर्णा सभागार में जौलीग्रांट एयरपोर्ट की एयरफील्ड पर्यावरण प्रबंधन समिति की बैठक हुई। बैठक में हवाई अड्डे के 10 किमी संचालन क्षेत्र में पक्षियों और वन्यजीवों की गतिविधियों पर नियंत्रण तथा पर्यावरण सुरक्षा से जुड़े अन्य मुद्दों पर चर्चा की गई।
जिलाधिकारी ने कहा कि एयरपोर्ट का विस्तारीकरण मुख्यमंत्री की प्राथमिकता में शामिल है और इसमें किसी प्रकार की बाधाअनुमन्य नहीं होगी। प्रभावित लोगों को तुरंत मुआवजा वितरण किया जाए। डीएम ने बताया कि इस विस्तार से राज्य की आय बढ़ेगी, स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा और राज्य की संस्कृति एवं परंपरा को वर्ल्ड मैप पर प्रदर्शित किया जा सकेगा।
डीएम ने हवाई यात्री और आमजन की सुरक्षा को सर्वोपरि बताते हुए डोईवाला नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को केशवपुरी स्थित डंपिंग यार्ड में कचरे के निस्तारण में तेजी लाने और ट्रामेल व पोकलैंड मशीनों की तुरंत खरीदारी कराने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि मशीनें खरीदे बिना किसी प्रस्ताव को स्वीकृति नहीं दी जाएगी।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि एयरपोर्ट के आसपास सभी दुकानों, होटल और रेस्टोरेंट में भी कचरे का नियमानुसार निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। इसके अलावा, 10 किमी परिधि के डंपिंग यार्ड का विस्थापन कर नए सरकारी भूमि चिन्हित की जाए और परिसर की नाली क्षमता में विसंगति को दूर किया जाए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी केके मिश्रा, एसडीएम अपर्णा ढौडियाल, विमानपत्तन निदेशक बीसीएच नेगी, उप महाप्रबंधक अमित जिन्दल और अनिल कुमार मस्ताना, प्रबंधक शुभम वत्स, डोईवाला नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी एलएल शाह, निरीक्षक सचिन सिंह रावत और कुलदीप खत्री सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।






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