मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में आयोजित “उत्तराखंड क्रिएटर्स मीट–2025” में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म से जुड़े अनेक कंटेंट क्रिएटर्स, डिजिटल उद्यमियों, व्लॉगर्स तथा युवा इंफ्लुएंसर्स ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने अनेक सोशल मीडिया क्रिएटर्स से अनौपचारिक संवाद किया और उनके प्रश्नों का उत्तर दिया। युवा कंटेंट क्रिएटर्स के साथ हुए इस संवाद को मुख्यमंत्री ने “युवा सोच और डिजिटल ऊर्जा का संगम” बताया।
एक युवा सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत–श्रेष्ठ भारत @2047’ दृष्टिकोण में उत्तराखंड की भूमिका के बारे में प्रश्न किया। इसका उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि विकसित भारत का आधार तभी सुदृढ़ होगा जब देश और राज्य का हर ब्लॉक, तहसील, जिला और गांव सशक्त होगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार इस दिशा में निरंतर कार्य कर रही है— चाहे वह बुनियादी ढांचा हो, पर्यटन, महिला सशक्तीकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य या उद्यमिता— सभी क्षेत्रों में तेज़ प्रगति की जा रही है।
एक अन्य क्रिएटर द्वारा भ्रष्टाचार से जुड़े प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस नीति अपनाई है। उन्होंने बताया कि अब तक 200 से अधिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर कार्रवाई की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि राज्य में पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई आगे भी पूरी दृढ़ता से जारी रहेगी।
मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि राज्य की सामूहिक प्रगति के लिए अनेक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की GSDP को दोगुना करने का लक्ष्य पूरा हो चुका है।
उन्होंने बताया कि—
हेली कनेक्टिविटी का बड़े स्तर पर विस्तार किया जा रहा है, जिससे पर्वतीय क्षेत्रों में आवागमन आसान हुआ है।
उत्तराखंड में औद्योगिक क्रांति और निवेश वातावरण को सुदृढ़ बनाने के लिए बड़े पैमाने पर प्रयास किए जा रहे हैं।
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट और रोड शो के माध्यम से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।
अब तक 3.56 लाख करोड़ रुपये से अधिक के MOU साइन किए जा चुके हैं और1 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की ग्राउंडिंग हो चुकी है।
राज्य में पर्यटकों की संख्या हर वर्ष नया रिकॉर्ड बना रही है और शीतकालीन यात्रा के भी अत्यंत सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
राज्य में महिलाओं की भूमिका पर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की मातृशक्ति ने स्वरोज़गार, स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प, स्वयं सहायता समूहों और पारंपरिक कौशल के क्षेत्र में पूरे देश के सामने उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किए हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य की महिलाओं द्वारा बनाए जाने वाले स्थानीय उत्पादों की गुणवत्ता और शुद्धता इतनी उत्कृष्ट है कि वे कई मल्टीनेशनल कंपनियों के उत्पादों से भी बेहतर हैं।
सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण तथा उनकी उद्यमशीलता को और मजबूत करने के लिए लगातार नई योजनाओं पर कार्य कर रही है।
राज्य की आगामी सोशल मीडिया नीति से जुड़े प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले वर्ष तक उत्तराखंड सरकार की नई सोशल मीडिया नीति लागू कर दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि यह नीति—
डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर सूचनाओं के बेहतर प्रसारण,
सरकारी योजनाओं के प्रभावी संप्रेषण,
तथा राज्य के युवाओं और क्रिएटर्स को अधिक अवसर उपलब्ध कराने
पर केंद्रित होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया आज सूचना, संवाद और जनभागीदारी का सबसे सशक्त माध्यम बन चुका है।
उन्होंने कहा कि किसी भी घटना की जानकारी कुछ ही सेकंड में लाखों–करोड़ों लोगों तक पहुँच जाती है और सोशल मीडिया ने आम नागरिक की आवाज़ को एक व्यापक मंच प्रदान किया है।
उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल युग में सोशल मीडिया केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक पहलू को प्रभावित करने वाला एक प्रभावशाली मंच बन गया है।
इन्फ्लुएंसर्स की भूमिका अब सिर्फ कंटेंट क्रिएशन तक सीमित नहीं है, बल्कि वे सामाजिक परिवर्तन के सोशल चेंज–मेकर्स के रूप में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया की शक्ति के कारण ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म को शासन व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा बनाया है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार भी डिजिटल उत्तराखंड के निर्माण हेतु संकल्पबद्ध है।
आज मुख्यमंत्री कार्यालय सहित विभिन्न विभाग सोशल मीडिया के माध्यम से जनता से सीधे संवाद कर रहे हैं।
पहले शिकायत दर्ज कराने के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब एक ट्वीट या संदेश पर ही तत्काल सुनवाई और समाधान संभव हो पाया है।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया ने सरकार और जनता के बीच एक मजबूत सेतुका निर्माण किया है, जिससे प्रशासन अधिक संवेदनशील और जवाबदेह हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के साथ इसके दुरुपयोग के मामले भी सामने आते हैं।
कुछ लोग गलत अफवाहें फैलाते हैं, सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करते हैं और जनहितकारी योजनाओं के बारे में भ्रम उत्पन्न करते हैं।
उन्होंने सभी कंटेंट क्रिएटर्स से आग्रह किया कि—
किसी भी भ्रामक या तथ्यहीन सामग्री का फैक्ट-चेक करें,
और सही जानकारी लोगों तक पहुँचाने में भूमिका निभाएँ।
उन्होंने कहा कि नकारात्मक कंटेंट के माध्यम से अधिक व्यूज पाने की होड़ में समाज, धर्म, सरकार या प्रदेश की छवि को नुकसान पहुंचाने वाली सामग्री से बचना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कंटेंट क्रिएटर्स उत्तराखंड के पर्यटन स्थलों, स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प, सांस्कृतिक धरोहर और समाज की उपलब्धियों पर आधारित सकारात्मक सामग्री के माध्यम से राज्य की छवि को मजबूत कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि किसी स्थानीय कारीगर की कहानी उसे राष्ट्रीय पहचान दिला सकती है।
यदि किसी समस्या, शिकायत या जनहित से जुड़े मुद्दे की सूचना क्रिएटर्स को मिलती है, तो वे इसे तुरंत सरकार तक पहुँचाएँ— सरकार हर सूचना पर तत्काल कार्रवाई करेगी।
उन्होंने कहा कि क्रिएटर्स की जागरूकता और रचनात्मकता शासन-प्रशासन को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायक सिद्ध हो सकती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को देश का सर्वोत्तम राज्य बनाने के “विकल्प रहित संकल्प” के मंत्र के साथ लगातार प्रयासरत है और इस लक्ष्य में क्रिएटर समुदाय महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
कार्यक्रम में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, जागर गायक प्रीतम भरतवाण तथा विभिन्न राज्यों से आए सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर एवं क्रिएटर्स उपस्थित रहे।






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