देहरादून। उत्तराखंड में दलितों के उपर बढ़ते अत्याचारों के मामलों को लेकर सोमवार को कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग घंटाघर स्थित बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की मूर्ति के नीचे धरना देकर अपना विरोध दर्ज करायेगा।
रविवार को उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय में कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश अध्यक्ष मदनलाल ने टिहरी जिले में दलित युवक की निर्मम हत्या पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि भारत का संविधान हमें एक सभ्य समाज की गारंटी देता है, जहां संविधान का अनुच्छेद 14 समानता और अनुच्छेद 21 गरिमा पूर्वक जीना हर नागरिक का मौलिक अधिकार है, लेकिन उत्तराखंड की स्थिति आज ऐसी हो गई है, जहां देवभूमि का ताना-बाना जातिगत कट्टरता से तार-तार हो रहा है। उन्होंने कहा कि वे दलितों को अपमानित करने और उनके जीवन को खतरे में डालने वाली घटनाओं के खिलाफ है। उन्होंने उत्तराखंड में बीती 8 जून को टिहरी के लंबगांव क्षेत्र में हुई घटना का जिक्र करते हुए कहा कि यहां 18 साल के केतन लाल की बुरी तरह से पीट कर अधमरा कर दिया। जिसके बाद उसकी जान चली गई। उन्होंने उत्तराखंड में दलितों के प्रति नफरत की राजनीति हावी होने का आरोप भी लगाया।
उन्होंने कहा कि ये ना केवल उस दलित युवक का अपमान था, बल्कि दलित समाज की गरिमा पर भी करारा प्रहार है, जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद 17 में अस्पृश्यता का भी खुला उल्लंघन था। इससे पहले भी साल 2019 में टिहरी जिले में ही एक दलित युवक की इसलिए हत्या कर दी गई कि उसने कुर्सी पर बैठकर खाना खाने की जुर्रत की थी। मदनलाल ने आगे कहा कि साल 2021 में भी चंपावत जिले में ही एक युवक की हत्या कर दी गई। कांग्रेस पार्टी ने टिहरी और चंपावत की घटना के दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है. साथ ही जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग उठाई है।






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