झुंझुनूं जिले के नवलगढ़ में शेखावाटी क्षेत्र स्थित कुंज बिहारी मंदिर परिसर में राजस्व मंडल द्वारा जारी स्थगन आदेश (Stay Order) के बावजूद हरे–भरे पेड़ों को काट डाले जाने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि मंदिर भूमि से जुड़े विवाद पर राजस्व मंडल ने स्पष्ट रूप से किसी भी प्रकार के निर्माण, बदलाव या पेड़ काटने पर रोक लगाई थी, लेकिन इसके बावजूद आदेशों की धज्जियां उड़ाते हुए कई हरे वृक्षों की अवैध कटाई कर दी गई।
घटना के बाद ग्रामीणों व श्रद्धालुओं में नाराजगी है। उनका कहना है कि कुंज बिहारी मंदिर नवलगढ़ का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है, और उसके आसपास के हरे वृक्ष न सिर्फ पर्यावरण के लिए महत्वपूर्ण थे बल्कि मंदिर की ऐतिहासिक और प्राकृतिक सुंदरता का हिस्सा भी थे। लोगों का आरोप है कि यह कटाई प्रभावशाली लोगों की मिलीभगत से की गई है, जो भूमि के उपयोग को बदलने या निजी लाभ के उद्देश्य से पेड़ हटाना चाहते थे।
पर्यावरण प्रेमियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इसे स्पष्ट रूप से अवमानना का मामला बताते हुए प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि स्थगन आदेश के बाद किसी भी प्रकार की गतिविधि करना कानूनी रूप से प्रतिबंधित होता है। यदि हरे वृक्षों की अवैध कटाई की पुष्टि होती है, तो संबंधित व्यक्तियों पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
मामले की जानकारी मिलने पर स्थानीय प्रशासन ने प्राथमिक स्तर पर जांच शुरू कर दी है। वन विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम कटे हुए वृक्षों की संख्या, उनकी प्रजाति और नुकसान का आकलन कर रही है। प्रशासन का कहना है कि यदि आदेश की अवहेलना हुई है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि मंदिर परिसर की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, अवैध कटाई में शामिल लोगों को दंड मिले और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।






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