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  • Written By: Admin
  • Published: November 22, 2025 01:48 PM IST
उत्तराखंड

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वरिष्ठ पत्रकार जय सिंह रावत की पुस्तक ‘उत्तराखंड राज्य का नवीन राजनीतिक इतिहास’ का किया लोकार्पण

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मुख्यमंत्री आवास में वरिष्ठ पत्रकार एवं प्रतिष्ठित लेखक जय सिंह रावत द्वारा लिखित पुस्तक “उत्तराखंड राज्य का नवीन राजनीतिक इतिहास” का विमोचन किया। यह पुस्तक राज्य निर्माण के बाद से लेकर अब तक की 25 वर्षों की राजनीतिक, प्रशासनिक और सामाजिक यात्रा का तथ्यपरक, विश्लेषणात्मक और दस्तावेज़ आधारित संकलन प्रस्तुत करती है।

पुस्तक की सराहना करते हुए सीएम बोले—“ढाई दशक की राजनीतिक यात्रा का उत्कृष्ट संकलन”

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य स्थापना के बाद की घटनाओं को तथ्यों, दस्तावेजों और विश्लेषण के आधार पर संकलित करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है, जिसे लेखक ने अत्यंत उत्कृष्टता और प्रमाणिकता के साथ प्रस्तुत किया है।
उन्होंने कहा कि यह पुस्तक शोधार्थियों, विद्यार्थियों, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं और प्रशासनिक पृष्ठभूमि का अध्ययन करने वालों के लिए विशेष रूप से उपयोगी सिद्ध होगी।

राज्य की राजनीतिक अस्थिरता और विकास की चुनौतियों को भी दर्शाया

सीएम धामी ने कहा कि राज्य निर्माण के बाद उत्तराखंड ने एक लंबे राजनीतिक अस्थिरता काल का सामना किया, जिसका प्रभाव राज्य के विकास पर पड़ा। लेखक ने दुर्लभ दस्तावेज़ों, अभिलेखों और प्रेस कतरनों के माध्यम से इस कालखंड का प्रामाणिक विवरण प्रस्तुत किया है।
उन्होंने कहा, “इतिहास लेखन तथ्य, दृष्टि और ईमानदारी का काम है—रावत जी ने पत्रकारिता की निष्ठा के साथ इसे सहेजा है।”

“बुके नहीं, बुक दीजिए”—पुस्तक संस्कृति को बढ़ावा देने का संदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि इंटरनेट युग में जानकारी भले ही तुरंत उपलब्ध हो जाती हो, लेकिन पुस्तकों का महत्व कभी कम नहीं हो सकता।
उन्होंने सभी से अपील की—“किसी भी कार्यक्रम में बुके की जगह किताब भेंट करें।”
उनके अनुसार, पुस्तकें विचारों की गहराई और ज्ञान की स्थायित्व को बढ़ाती हैं।

स्थानीय भाषाओं और संस्कृति के संरक्षण पर विशेष जोर

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री धामी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते उपयोग के साथ-साथ गढ़वाली, कुमाऊँनी, जौनसारी सहित सभी क्षेत्रीय भाषाओं के संरक्षण पर बल दिया।
उन्होंने कहा:

  • तकनीक का उपयोग समय की आवश्यकता है, लेकिन अपनी मातृभाषाओं और सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखना हम सभी का दायित्व है।

  • विद्यार्थियों को क्षेत्रीय भाषाओं में साहित्य, लोकपरंपरा और डिजिटल कंटेंट निर्माण को बढ़ावा देना चाहिए।

  • राज्य सरकार स्थानीय भाषाओं में लेखन, गीत-संग्रह, शोध एवं डिजिटल कंटेंट तैयार करने वाले युवाओं को प्रोत्साहन देने के लिए प्रतियोगिताएँ आयोजित कर रही है।

डिजिटल प्लेटफार्मों पर स्थानीय भाषाओं के संरक्षण की पहल

मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार क्षेत्रीय भाषाओं और लोक-साहित्य के डिजिटलाइजेशन पर कार्य कर रही है, ताकि हमारी भाषाएँ आधुनिक तकनीक के साथ आगे बढ़ें और नई पीढ़ी तक सरलता से पहुँच सकें।

कार्यक्रम में अनेक गणमान्य लोगों की उपस्थिति

विमोचन कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री एवं महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल श्री भगत सिंह कोश्यारी, पूर्व मुख्यमंत्री श्री हरीश रावत, विधायक श्री बृज भूषण गैरोला, पत्रकार, साहित्यकार और अन्य सम्मानित व्यक्तित्व उपस्थित रहे।

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