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  • Written By: Admin
  • Published: November 21, 2025 04:42 PM IST
उत्तराखंड

“रुड़की में मुख्यमंत्री ने किया कन्या पूजन और आश्रम हॉल का लोकार्पण, ईदगाह चौक का नाम बदलकर ‘शहीद चौक’ किया गया”

रुड़की पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जीवनदीप आश्रम में आयोजित पंच दिवसीय महोत्सव कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने पद्म विभूषित शंकराचार्य स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी सभागार का लोकार्पण किया। साथ ही मुख्यमंत्री ने स्वामी यतींद्रानंद द्वारा लिखित पुस्तक का विमोचन भी किया।

सुनहरा स्थित नंद विहार कॉलोनी में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राष्ट्र निर्माण के लिए संतो का आशीर्वाद और सहयोग आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जीवनदीप आश्रम सेवा न्यास पिछले कई वर्षों से मानव उत्थान के लिए कार्य कर रहा है। आश्रम के प्रत्येक आयोजन में अध्यात्म और समाजसेवा का समन्वय स्पष्ट दिखाई देता है।

उन्होंने कहा कि आश्रम में जहां शतचंडी यज्ञ का आयोजन हो रहा है, वहीं पांच कन्याओं का विवाह भी संपन्न किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सनातन संस्कृति की पताका संपूर्ण विश्व में फैल रही है। उन्हीं के दिशा-निर्देशन में उनकी सरकार विश्व में देहरादून को आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार देवभूमि उत्तराखंड के डेमोग्राफी और सांस्कृतिक मूल्यों को सुरक्षित रखने के लिए संकल्पित होकर कार्य कर रही है। इसके लिए कई नए कानून लागू किए गए हैं। जिहादी मानसिकताओं, लव जिहाद, लैंड जिहाद आदि के विरुद्ध कार्रवाई की गई है और 10 हजार से अधिक हेक्टेयर भूमि को लैंड जिहादियों के हाथों से मुक्त कराया गया है।

उन्होंने कहा कि सरकार सभी नागरिकों के अधिकारों को सुनिश्चित करते हुए समान नागरिक संहिता लागू कर रही है। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों पर अंकुश लगाने के लिए प्रदेश में कड़ा नकल विरोधी कानून लागू किया गया है, जिसके परिणामस्वरूप राज्य में 26 हजार युवाओं को रोजगार मिला।

राज्य में कुछ लोगों द्वारा मदरसों के नाम पर बच्चों को बरगलाने के कार्य किए जा रहे थे। इस पर कार्रवाई करते हुए 250 मदरसों को बंद किया गया और मदरसा बोर्ड के खिलाफ कार्रवाई कर नया कानून लागू कर मदरसा बोर्ड समाप्त किया गया। प्रदेश में वेश बदलकर सनातन धर्म को बदनाम करने वालों के खिलाफ ऑपरेशन कालनेमि चलाकर कार्रवाई की गई है।

वर्ष 2027 में कुंभ का आयोजन दिव्य और भव्य बनाने के लिए सरकार युद्धस्तर पर संतो के मार्गदर्शन में कार्य आरंभ कर चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे सभी प्रदेशवासियों को यह विश्वास दिलाना चाहते हैं कि संतो के आशीर्वाद से एक श्रेष्ठ उत्तराखंड का निर्माण किया जाएगा।

उन्होंने शहीद द्वार का लोकार्पण किया, जो आने वाली पीढ़ी को शहीदों के बलिदान की याद दिलाएगा। इसके अलावा उन्होंने सुनहरा मार्ग के चौराहे (ईदगाह चौक) का नाम शहीद चौक करने की घोषणा की।

इसके बाद मुख्यमंत्री ने कन्याओं का पूजन किया और छह कन्याओं के विवाह में भाग लेकर उन्हें उपहार भेंट किए। कार्यक्रम संयोजक महामंडलेश्वर स्वामी यतींद्रानंद ने कहा कि मुख्यमंत्री सनातन धर्म को आगे बढ़ाने के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आश्रम में संचालित स्कूल के लिए सुंदर हॉल प्रदान किया गया है और भविष्य में गुरुकुल निर्माण की उम्मीद जताई।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री की पत्नी गीता धामी, अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविंद्र गिरी, प्रबोधानंद महाराज, मैत्री यति, मेयर अनीता अग्रवाल, विधायक प्रदीप बत्रा, भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. मधु सिंह, जिला महामंत्री सागर गोयल, अक्षय प्रताप सिंह, मोहित शास्त्री, चेरब जैन, अरविंद कश्यप, ललित मोहन अग्रवाल, मुनीश सैनी, रोमा सैनी, मुनेश त्यागी, ध्रुव गुप्ता, केपी सिंह, वीरेंद्र गुप्ता, प्रवीण सब्बरवाल, मनोज गोयल, मनीषा आदि उपस्थित रहे।

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