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  • Written By: Admin
  • Published: December 02, 2025 01:22 PM IST
  • Updated: December 02, 2025 01:29 PM IST
उत्तराखंड

“अंतरराष्ट्रीय संस्कृत सम्मेलन में मुख्यमंत्री धामी का विपक्ष पर सीधा निशाना”

हरिद्वार में उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय की ओर से अंतरराष्ट्रीय संस्कृत सम्मेलन का आयोजन किया गया। दो दिवसीय सम्मेलन के समापन समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी शिरकत करने पहुंचे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि विपक्षी दल सिर्फ विरोध के लिए एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने बिना नाम लिए विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन्होंने 60 सालों तक देश को गुमराह किया, अब उनके झूठे नैरेटिव काम नहीं कर रहे। उनकी अफवाहें सफल नहीं हो रही हैं क्योंकि देश के भीतर दृष्टिकोण और संस्कृति बदल गई है। इसलिए वे परेशान हैं।

सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की जनता काम करने वाले लोगों को प्राथमिकता दे रही है। यही कारण है कि बिहार के चुनाव में जनता ने विपक्ष को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष द्वारा फैलायी गई झूठी बातें जनता ने पूरी तरह नकार दी हैं और आने वाले चुनावों में भी जनता ऐसे दलों को नकारेगी। यह केवल विपक्ष की झुंझलाहट है, जो विरोध के लिए विरोध कर रहा है।

अंतरराष्ट्रीय संस्कृत सम्मेलन में देश और विदेश से आए तमाम संस्कृत विद्वानों ने संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार और विकास पर गहन विचार-विमर्श किया और कई सुझाव दिए। उत्तराखंड संस्कृत अकादमी परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्वानों के अलावा विभिन्न कॉलेजों के छात्र-छात्राएं भी शामिल हुए।

इस मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि संस्कृत देववाणी है। उत्तराखंड में संस्कृत को द्वितीय राजभाषा का दर्जा प्राप्त है। संस्कृत को बढ़ावा देने और इसे आम बोलचाल की भाषा बनाने के लिए सरकार कई स्तरों पर काम कर रही है। संस्कृत ग्रामों की स्थापना भी इसी योजना का हिस्सा है।

गन्ना खरीद मूल्य बढ़ाए जाने पर हरिद्वार में गुरुकुल हेलीपैड पर किसानों ने मुख्यमंत्री का जोरदार स्वागत किया। मुख्यमंत्री गुरुकुल कांगड़ी हेलीपैड पर पहुंचे, जहाँ सैकड़ों किसानों ने माला पहनाकर उनका स्वागत किया। इस दौरान तमाम भाजपा नेता भी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसान हितों और उनकी आय बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। लगातार किसानों की ओर से गन्ने का समर्थन मूल्य बढ़ाने की मांग की जा रही थी, जिसको देखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि गन्ना किसान का भुगतान समय पर हो और गन्ने की खरीद भी समयानुसार हो, इसके लिए चीनी मिलों को निर्देश दिए गए हैं।

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