पौड़ी जनपद ने युवाओं के स्वरोजगार के सपनों को साकार करने में प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। विभिन्न सरकारी योजनाओं, विशेषकर मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना (एमएसवाई) के तहत पौड़ी जिले ने मैदानी जनपदों देहरादून और हरिद्वार को भी पीछे छोड़ दिया है। एमएसवाई में टिहरी दूसरे और चंपावत तीसरे स्थान पर रहा।
लीड बैंक की रिपोर्ट के अनुसार, चालू वित्तीय वर्ष में पौड़ी जिले के 486 युवाओं को स्वरोजगार के लिए 28.78 करोड़ रुपये का ऋण बैंकों द्वारा वितरित किया गया है। जिले को इस वित्तीय वर्ष में 725 का लक्ष्य दिया गया था, जिसके सापेक्ष 67.45 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की गई है।
एमएसवाई के तहत बैंकों ने तय लक्ष्य से 154 अधिक आवेदनों को स्वीकृति दी है। जिले के 21 बैंकों को कुल 862 आवेदनप्राप्त हुए थे, जिनमें से 464 आवेदनों पर ऋण स्वीकृत किया गया।
मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अंतर्गत युवाओं को 25 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाता है। इस योजना से युवा ब्यूटी सैलून, जिम एवं फिटनेस सेंटर, मोबाइल रिपेयरिंग सहित विभिन्न स्वरोजगार इकाइयां स्थापित कर रहे हैं।
लीड बैंक रिपोर्ट के अनुसार, एमएसवाई में सबसे अधिक लाभ देने वाले प्रमुख बैंक इस प्रकार रहे—
यूजीबी बैंक: 230 आवेदनों में से 142 स्वीकृत
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया: 234 में से 138
जिला सहकारी बैंक: 140 में से 95
पंजाब नेशनल बैंक: 56 में से 36
कैनरा बैंक: 59 में से 35






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