उत्तरकाशी। उत्तराखण्ड में तापमान बढ़ने के साथ ही जंगलों में आग लगने की घटनाएं लगतार बढ़ रही है। जिससे करोड़ों की वनसंपदा खाक हो रही है। साथ ही इससे वन्यजीव भी प्रभावित हो रहे है। शनिवार को उत्तरकाशी वन प्रभाग के डुंडा रेंज के बड़ेथी व खरवां गांव से लगे जंगलों में आग भड़की थी, दूसरे दिन यह आग बाड़ाहाट रेंज क्षेत्रांतर्गत तक पहुंच गई। इधर, दोपहर बाद मनेरा बाईपास रोड से लगे पोखरी गांव के जंगलों में भी आग फैली, जिससे बाईपास रोड पर भी वाहनों के आवागमन में खतरा बना रहा।
बता दें कि उत्तरकाशी वन प्रभाग में शीतकालीन वर्षा में कमी के चलते फायर सीजन शुरू होने से पहले ही जंगलों में आग लगने की घटनाएं शुरु हो गई थी, जिसमें अप्रैल के अंतिम सप्ताह में कुछ दिनों तक वर्षा के चलते ब्रेक लगा। लेकिन अब मौसम गर्माने के साथ फिर से जंगलों में आग की घटनाएं बढ़ने लगी है।चार दिन पहले गुरुवार को बाड़ाहाट रेंज के बसुंगा, मैणागाड व गोफियारा क्षेत्र में आग भड़की, जिसे वन विभाग सहित फायर सर्विस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ व क्यूआरटी की संयुक्त टीम ने किसी तरह काबू किया। बीते शनिवार को डुंडा रेंज के बड़ेथी व खरवां गांव से लगे जंगलों में भीषण आग लगी, जिसे काबू करने का रेंज के वन कर्मियों ने प्रयास किया।हालांकि बड़ेथी की तरह से इस पर काबू कर लिया गया। रविवार को दूसरे दिन यह आग बाड़ाहाट रेंज अंतर्गत सिविल वन क्षेत्र में पहुंच गई, जिस पर कवां क्रू स्टेशन की टीम काबू पाने में जुटी हुई थी। इधर, दोपहर बाद मुखेम रेंज के मनेरा बाईपास से लगे पोखरी गांव के जंगलों में भीषण आग लग गई है।
इससे बाईपास मार्ग पर वनाग्नि की चलते पत्थर व चीड़ के जलते फूल व पेड़ करने का भी खतरा बना रहा। एक आवासीय भवन भी आग की चपेट में आने से बचा। वहीं, जिला मुख्यालय के आसपास ही लगातार होती घटनाओं से अमूल्य वन संपदा के साथ वन्यजीवों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। गोविंद सिंह पंवार, वन क्षेत्राधिकारी मुखेम रेंज ने बताया कि आग पहले डुंडा रेंज में लगी जो आज बाड़ाहाट रेंज तक पहुंची। यहां किसी अज्ञात व्यक्ति के यह आग लगाने की सूचना है। पांच वन कर्मियों की टीम ने आग पर काबू पा लिया है। एक आवासीय भवन भी आग की चपेट में आने से बाल-बाल बचा है।






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