अल्मोड़ा। जिले के 11 विकासखंडों में तैनात अतिथि शिक्षकों को जनवरी और जून माह का दीर्घकालीन अवकाश मानदेय अभी तक जारी नहीं हुआ है, जिससे उनके बीच भारी आक्रोश व्याप्त है। मानदेय भुगतान में देरी और विभागीय उपेक्षा के विरोध में सभी ब्लॉकों के अतिथि शिक्षकों ने खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) कार्यालयों में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। धरना रात्रि में भी जारी रहेगा।
माध्यमिक अतिथि शिक्षक संघ, अल्मोड़ा के जिलाध्यक्ष हरीश चौहान ने बताया कि पिछले 10 वर्षों से अतिथि शिक्षकों को दीर्घकालीन अवकाश का मानदेय नियमित रूप से मिलता रहा है, लेकिन इस वर्ष अचानक जनवरी और जून का भुगतान रोक दिया गया है।
उन्होंने कहा कि कोई नया आदेश या रोक न होने के बावजूद केवल अल्मोड़ा जिले में ही मानदेय जारी नहीं किया गया, जबकि कुमाऊँ मंडल के अन्य जिलों में इसका भुगतान हो चुका है।
जिलाध्यक्ष ने बताया कि मुख्य शिक्षा अधिकारी, अल्मोड़ा द्वारा तीन बार लिखित आदेश जारी किए जा चुके हैं—
पत्रांक 2687-88 (21 जुलाई 2025)
पत्रांक 4387-37 (18 सितंबर 2025)
पत्रांक 6080-83 (18 नवंबर 2025)
इनमें बीईओ को मानदेय जारी करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद कई बीईओ आदेशों की अवहेलना कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि माध्यमिक शिक्षा निदेशक मुकुल कुमार सती और कुमाऊँ मंडल के माध्यमिक निदेशक शिव प्रसाद सेमवाल भी दूरभाष पर बीईओ को निर्देश दे चुके हैं कि यदि प्रधानाचार्य लिखित रूप में प्रमाणित कर दें कि अतिथि शिक्षक ऑनलाइन शिक्षण कार्य कर रहे थे, तो मानदेय भुगतान रोका नहीं जा सकता।
चौहान ने बताया कि अतिथि शिक्षक बेहद कम मानदेय में कार्य कर रहे हैं और कई शिक्षक उत्तरकाशी, देहरादून, हरिद्वार तथा दुर्गम क्षेत्रों में सेवा दे रहे हैं। अतिथि शिक्षकों को प्रतिवर्ष 12 आकस्मिक अवकाश स्वीकृत हैं, जिनमें जनवरी और जून के अवकाश भी शामिल हैं। इसके बावजूद इन माहों का मानदेय रोकना “सुनियोजित उपेक्षा” जैसा प्रतीत होता है।
उन्होंने कहा कि पूरे राज्य में एक ही आदेश लागू होने के बावजूद केवल अल्मोड़ा में भुगतान रोका जाना समानता के अधिकार का उल्लंघन है और गंभीर प्रश्न उत्पन्न करता है।
अतिथि शिक्षक संघ ने स्पष्ट किया कि जब तक मानदेय भुगतान की समस्या का समाधान नहीं किया जाता, तब तक सभी ब्लॉकों में बीईओ कार्यालयों के बाहर अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।






.jpeg)








Copyright © 2026 News Bank. Designed & Developed by Digital Clik