पिथौरागढ़। सीमांत जिले में नशे के कारोबार पर लगातार कार्रवाई के बावजूद हेरोइन तस्करी का जाल फैलता ही जा रहा है। पुलिस की कड़ी निगरानी के बीच एक बार फिर हेरोइन तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने दो महिलाओं समेत चार तस्करों को 23.84 ग्राम हेरोइन और 2.74 ग्राम चरस के साथ गिरफ्तार किया है।
हैरानी की बात यह है कि गिरफ्तार महिलाओं में से एक पहले भी अपने पति के साथ हेरोइन तस्करी में जेल जा चुकी है, लेकिन जमानत पर बाहर आने के बाद उसने फिर से इस धंधे में वापसी कर ली थी।
एसपी रेखा यादव के मुताबिक, पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ लोग शहर के एक होटल में हेरोइन की डील करने वाले हैं। सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने गुरुवार को होटल के कमरे में छापा मारा और कनालीछीना निवासी मीनाक्षी भंडारी, राजेंद्र सिंह, पिथौरागढ़ निवासी दीपक सिंह और भव्या सहदेव को गिरफ्तार किया।
पुलिस ने उनके पास से 23.84 ग्राम हेरोइन और 2.74 ग्राम चरस बरामद की। चारों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
पूछताछ में सामने आया कि यह गिरोह लंबे समय से हेरोइन की तस्करी में सक्रिय था। आरोपी मैदानी इलाकों से हेरोइन लाकर पिथौरागढ़ के युवाओं को ऊंचे दामों में बेचते थे और मोटा मुनाफा कमाते थे।
गिरोह की सदस्य मीनाक्षी भंडारी जनवरी में अपने पति सूरज भंडारी के साथ हेरोइन तस्करी में पकड़ी गई थी। वह जमानत पर बाहर आने के बाद फिर से नशे के व्यापार में लौट आई, जबकि उसका पति अब भी जेल में बंद है।
पुलिस के लिए चिंता की बात यह है कि सिर्फ एक दिन पहले ही एक वकील को 6.31 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया गया था। यह वकील भी पहले इसी अपराध में जेल जा चुका था, लेकिन बाहर आते ही उसने फिर से तस्करी शुरू कर दी।
लगातार बढ़ते ऐसे मामलों से साफ है कि सीमांत जिले में नशे के नेटवर्क को तोड़ना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन चुका है।
पुलिस अब हेरोइन सप्लाई की पूरी चेन तक पहुंचने के लिए तफ्तीश तेज कर रही है।
⚖️ “नशे के खिलाफ अभियान लगातार जारी है, पर हर गिरफ्तारी के बाद एक नया चेहरा सामने आ जाता है।” — एसपी रेखा यादव






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