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  • Written By: Admin
  • Published: May 16, 2026 04:09 PM IST
उत्तराखंड

अमावस्या पर वट सावित्री व्रत मनाया

रामनगर। शनिवार को ज्येष्ठ मास की अमावस्या पर वट सावित्री व्रत मनाया गया। इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुख-सौभाग्य के लिए वट यानी बरगद के वृक्ष की पूजा करती हैं। रामनगर में वट सावित्री व्रत की धूम रही। सुहागिन महिलाओं ने बरगद की पूजा कर पति की लंबी उम्र की कामना की।
 धार्मिक आस्था और पारंपरिक संस्कृति के प्रतीक वट सावित्री व्रत को लेकर रामनगर में महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। नैनीताल जिले के रामनगर स्थित सिद्धेश्वर महादेव मंदिर में सुबह से ही सुहागिन महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ी। महिलाओं ने विधि-विधान के साथ वट यानी बरगद के पेड़ की पूजा-अर्चना कर अपने पतियों की लंबी आयु और परिवार की सुख-शांति की कामना की। वट सावित्री व्रत हिंदू धर्म में सुहागिन महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है। मान्यता है कि इस व्रत को रखने से पति की आयु लंबी होती है और परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है। रामनगर के सिद्धेश्वर महादेव मंदिर में महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पूजा की। इस दौरान महिलाओं ने बरगद के पेड़ के चारों ओर धागा बांधकर पूजा-अर्चना की और भगवान से अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मांगा।
मंदिर परिसर में धार्मिक माहौल देखने को मिला। महिलाएं पारंपरिक कुमाऊंनी परिधान और श्रृंगार में सजधज कर मंदिर पहुंचीं। पूजा के दौरान महिलाओं ने वट सावित्री व्रत की कथा सुनी और पूरे श्रद्धाभाव के साथ पूजा संपन्न की। मंदिर में मौजूद पुजारी पंडित महेश चंद्र जोशी ने महिलाओं को व्रत की महिमा और इसके धार्मिक महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

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