ADVERTISMENT
  • Written By: Admin
  • Published: February 18, 2026 02:03 PM IST
  • Updated: February 18, 2026 02:05 PM IST
उत्तराखंड

मौत के सौदागरों पर एसटीएफ का कड़ा प्रहार: नकली दवा गिरोह के 3 और सदस्य दबोचे, अब तक 16 गिरफ्तार; ब्रांडेड रैपर में बेच रहे थे 'जहर'!

देहरादून। बीमार को बचाने वाली 'जीवन रक्षक' दवाओं के नाम पर मौत का सामान बेचने वाले संगठित गिरोह की जड़ें उत्तराखंड एसटीएफ ने हिला दी हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) एसटीएफ अजय सिंह के नेतृत्व में गठित टीमों ने दबिश देकर गिरोह के तीन और शातिर सदस्यों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई उस सिंडिकेट पर की जा रही है जो नामी कंपनियों के क्यूआर कोड और लेबल का इस्तेमाल कर बाजार में नकली गोलियां खपा रहा था।

एक साल से खंगाली जा रही थी 'कुंडली' इस पूरे खेल का पर्दाफाश 1 जून 2025 को हुई एक कार्रवाई से हुआ था, जब भारी मात्रा में नकली रैपर और लेबल बरामद हुए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीजीपी दीपम सेठ ने इसकी विवेचना एसटीएफ को सौंपी थी। मैनुअल पुलिसिंग और तकनीकी सर्विलांस के जरिए एसटीएफ ने इस सिंडिकेट की पूरी कुंडली तैयार की और एक-एक कर अब तक 16 चेहरों को बेनकाब कर दिया है।

रुड़की और देवबंद में पड़ी दबिश ताजा कार्रवाई में एसटीएफ ने रुड़की और देवबंद (यूपी) में छापेमारी कर तीन आरोपियों को दबोचा। ये आरोपी नामी कंपनियों के हूबहू दिखने वाले आउटर बॉक्स और पैकिंग मैटेरियल तैयार करने और सप्लाई चैन को मैनेज करने में माहिर थे। इससे पहले हुई छापेमारी में बरामद पैरासिटामोल और जिंक पाउडर की टैबलेट राजकीय लैब की जांच में फेल पाई गई थीं, यानी ये दवाएं असर करने के बजाय मरीज की जान जोखिम में डाल रही थीं।

एसएसपी का सख्त निर्देश: कोई भी न बचे एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि यह गिरोह लंबे समय से संगठित तरीके से सक्रिय था। उन्होंने कहा, "यह केवल धोखाधड़ी नहीं, बल्कि सीधे तौर पर लोगों की सेहत के साथ किया जा रहा जघन्य अपराध है। गिरोह के अन्य राज्यों में फैले नेटवर्क और उनके आपराधिक इतिहास की जांच की जा रही है।"

 एसटीएफ की इस कार्रवाई से दवा बाजार में हड़कंप मचा हुआ है। विशेषकर रुड़की क्षेत्र में संचालित छोटी यूनिटों पर अब खुफिया नजर रखी जा रही है। एसटीएफ का साफ कहना है कि जनता की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले किसी भी सफेदपोश या माफिया को बख्शा नहीं जाएगा।

ADVERTISMENT

Today’s ePaper

Read today’s ePaper
ADVERTISMENT
ADVERTISMENT
×