ADVERTISMENT
  • Written By: Admin
  • Published: February 21, 2026 01:47 PM IST
  • Updated: February 21, 2026 01:49 PM IST
उत्तराखंड

कम कीमत पर लकड़ी बिक्री मामला: वन विकास निगम में फिर होगी जांच, एमडी ने बताईं रिपोर्ट की खामियां

उत्तराखंड वन विकास निगम के पश्चिमी वृत्त में कम कीमत पर लकड़ी बिक्री के मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। प्रबंध निदेशक नीना ग्रेवाल ने पहले प्रस्तुत की गई जांच रिपोर्ट को अधूरा और प्रक्रियात्मक रूप से कमजोर मानते हुए पुनः जांच के निर्देश जारी किए हैं।

क्या है मामला?

पिछले वर्ष पश्चिमी क्षेत्र में लकड़ी को आधार मूल्य से कम दर पर बेचे जाने की शिकायत सामने आई थी। इसके बाद महाप्रबंधक कुमाऊं को जांच सौंपी गई थी और करीब चार महीने पहले रिपोर्ट मुख्यालय को सौंप दी गई थी।

सूत्रों के मुताबिक, रिपोर्ट में 200 से अधिक लॉट में एक करोड़ रुपये से ज्यादा के संभावित राजस्व नुकसान का जिक्र किया गया था। संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए थे।

रिपोर्ट में पाई गईं कई कमियां

एमडी ने अपनी टिप्पणी में स्पष्ट किया है कि जांच प्रक्रिया कई अहम बिंदुओं पर अधूरी रही। शिकायतकर्ता का विधिवत बयान दर्ज नहीं किया गया और शिकायत की वास्तविकता पर विस्तृत प्रश्नोत्तर भी नहीं लिए गए।

इसके अलावा यह भी कहा गया कि जांच अधिकारी का पद शिकायत से जुड़े अधिकारियों से एक स्तर ऊपर होना चाहिए था। द्वितीय पक्ष को सुनवाई का अवसर देने और साक्ष्य एकत्र करने की प्रक्रिया भी पूरी तरह नहीं अपनाई गई।

विशेष रूप से लॉट संख्या-941 से संबंधित शिकायत को प्राथमिकता से जांचा जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। जिन लॉट को पुनः नीलामी में रखे जाने पर अधिक राजस्व प्राप्त हुआ, उनका भी समुचित विश्लेषण नहीं किया गया।

अब क्या होगा आगे?

महाप्रबंधक कुमाऊं को निर्देश दिए गए हैं कि सभी बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए निष्पक्ष, पारदर्शी और तथ्यपरक जांच कराई जाए। उद्देश्य यह है कि संभावित राजस्व हानि और प्रक्रिया संबंधी अनियमितताओं की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सके।

अब सबकी नजर दोबारा होने वाली जांच पर टिकी है, जो तय करेगी कि आखिर कमी कहां हुई और जिम्मेदारी किसकी बनती है।

ADVERTISMENT

Today’s ePaper

Read today’s ePaper
ADVERTISMENT
ADVERTISMENT
×