ADVERTISMENT
  • Written By: Admin
  • Published: January 29, 2026 10:12 PM IST
  • Updated: January 29, 2026 10:14 PM IST
उत्तराखंड

रामनगर में संवाद-2026: 13 साल बाद राष्ट्रीय क्रेता-विक्रेता सम्मेलन, 20 राज्यों के बायर्स हुए शामिल

उत्तराखंड वन विकास निगम द्वारा आयोजित राष्ट्रीय क्रेता-विक्रेता वार्षिक सम्मेलन संवाद-2026 का आयोजन रामनगर के आमडंडा क्षेत्र में किया गया। खास बात यह रही कि यह संवाद कार्यक्रम 12–13 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद आयोजित हुआ, जिसमें देश के 20 राज्यों से आए क्रेता (बायर्स) शामिल हुए, जो वन निगम से लकड़ी क्रय करते हैं। सम्मेलन में लकड़ी के रेट्स, निकासी प्रक्रिया, पारदर्शिता और समन्वय जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।कार्यक्रम में प्रदेश के वन मंत्री सुबोध उनियाल, वन विकास निगम की प्रबंध निदेशक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य क्रेता-विक्रेता के बीच रिश्तों को मजबूत करना, व्यापार में पारदर्शिता बढ़ाना, सीधे संवाद का मंच देना और बायर्स की अपेक्षाओं को समझकर उन्हें क्रियान्वित करना रहा। सम्मेलन का स्लोगन “व्यवहार से व्यापार तक” रहा, जिसे व्यापार की बुनियादी आवश्यकता बताया गया।वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि उत्तराखंड वन विकास निगम राज्य को बड़ा राजस्व देने वाला एक महत्वपूर्ण कॉरपोरेशन है। राज्य का लगभग 71 प्रतिशत क्षेत्र वन आधारित है। वन विभाग द्वारा आवंटित लकड़ी को निगम काटकर व्यवसाइयों को उपलब्ध कराता है, जिससे निगम लगातार प्रगति कर रहा है और राज्य को अच्छा राजस्व मिल रहा है। हालांकि, अभी और बेहतर करने की आवश्यकता है।
उन्होंने वियतनाम का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां लकड़ी उद्योग से मिलियन डॉलर का निर्यात किया जा रहा है। इसी तर्ज पर उत्तराखंड में वुड-बेस्ड इंडस्ट्री को आगे बढ़ाने के लिए नई नीति बनाई जा रही है। साथ ही राज्य में मौजूद जड़ी-बूटी की अपार संभावनाओं को देखते हुए, वन पंचायतों के माध्यम से 628 करोड़ रुपये की हर्बल मिशन योजना शुरू की गई है। इसमें वन निगम को जोड़कर बैकवर्ड-फॉरवर्ड लिंकेज तैयार किया जाएगा, जिससे वन पंचायतों की आय बढ़ेगी और स्थानीय लोगों की आजीविका मजबूत होगी।
सम्मेलन के दौरान राजनीतिक सवालों पर भी प्रतिक्रिया देते हुए वन मंत्री ने अंकिता मामले में कहा कि सरकार ने शुरू से ही त्वरित कार्रवाई की, अपराधियों को सजा दिलाई और तथाकथित वीआईपी एंगल पर सीबीआई जांच के लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजा। उन्होंने कहा कि केवल विरोध के लिए विरोध लोकतंत्र के लिए उचित नहीं है।
वहीं कोसी नदी में अवैध खनन के सवाल पर उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई वीडियो या शिकायत संज्ञान में आती है तो जांच कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि बीते चार वर्षों में वन विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ कठोर कदम उठाए गए हैं और भ्रष्टाचार किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।इस दौरान विधायक दीवान सिंह बिष्ट,पूर्व राज्यमंत्री डॉक्टर निशांत पपने, मुख्य वन संरक्षक गढ़वाल धीरज पांडे,कार्बेट के डिप्टी डायरेक्टर राहुल मिश्रा, कार्बेट के एसडीओ अमित ग्वासीकोटि,डीएफओ प्रकाश चंद्र आर्य,डीएफओ ध्रुव मर्तोलिया एसडीओ संदीप गिरी, एसडीओ अंकित बडोला,डीएलएम ललित आर्य, डीएसएम वन निगम मुदित कुमार आदि मौजूद रहें।

ADVERTISMENT

Today’s ePaper

Read today’s ePaper
ADVERTISMENT
ADVERTISMENT
×