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  • Written By: Admin
  • Published: February 16, 2026 06:09 PM IST
  • Updated: February 16, 2026 06:11 PM IST
उत्तराखंड

उत्तराखंड में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस फेज-2 की समीक्षा, डी-रेगुलेशन में देश में पांचवें स्थान पर राज्य

निवेश को रफ्तार देने की तैयारी, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस फेज-2 पर मंथन देहरादून सचिवालय में सोमवार को राज्य में निवेश और कारोबार को और सरल बनाने को लेकर अहम समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता केंद्र सरकार द्वारा गठित टास्क फोर्स की अध्यक्ष एवं National Commission for Backward Classes की सचिव मीता राजीव लोचन तथा उत्तराखंड के मुख्य सचिव Anand Bardhan ने संयुक्त रूप से की।

डी-रेगुलेशन 1.0 में देश में पांचवां स्थान

मीता राजीव लोचन ने बताया कि उत्तराखंड ने डी-रेगुलेशन 1.0 कम्प्लायंस रिडक्शन में देशभर में पांचवां स्थान हासिल किया है। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा लागू सिंगल विंडो सिस्टम, भूमि उपयोग सुधार, होम स्टे नीति, उद्यमिता प्रोत्साहन और श्रम सुधारों की सराहना की।

फेज-2 के तहत राज्य के लिए कुल 9 प्राथमिकताएं तय की गई हैं, जिनमें भूमि उपयोग, भवन एवं निर्माण स्वीकृति के लिए सिंगल विंडो सिस्टम, पर्यावरण और पर्यटन क्षेत्र में नवाचार प्रमुख हैं। इनका उद्देश्य निवेश को बढ़ावा देना, आधारभूत ढांचे को मजबूत करना और नागरिक सुविधाओं में सुधार लाना है।

छोटे उद्योगों के लिए सेल्फ सर्टिफिकेशन पर जोर

उन्होंने सुझाव दिया कि उद्योगों से संबंधित प्रस्तावों को तय समयसीमा में मंजूरी देने की प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए। साथ ही छोटे उद्योगों के लिए सेल्फ सर्टिफिकेशन प्रणाली लागू कर छोटे निवेशकों को भी प्रोत्साहित किया जाए।

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर मजबूत

मीता राजीव लोचन ने बताया कि राज्य का विनिर्माण क्षेत्र सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) में 26 प्रतिशत योगदान देता है, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है। इस क्षेत्र का लगभग 65 प्रतिशत हिस्सा औपचारिक रूप से पंजीकृत औद्योगिक इकाइयों द्वारा संचालित है।

उन्होंने कहा कि कुशल मानव संसाधन, उच्च साक्षरता दर और बेहतर जीवन गुणवत्ता के कारण उत्तराखंड निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य बन चुका है।

समयबद्ध कार्यवाही के निर्देश

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा कि सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से निवेश अनुकूल वातावरण विकसित किया जा रहा है। भवन निर्माण, बिजली, श्रम, अग्निशमन, पर्यटन, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सुधार के प्रयास जारी हैं।

उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस फेज-2 के तहत केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित मानकों का समयबद्ध और सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि राज्य में निवेश प्रक्रिया और अधिक सरल व पारदर्शी बन सके।

बैठक में केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

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