प्रदेश के कृषि मंत्री गणेश जोशीने नई दिल्ली प्रवास के दौरान बुधवार को केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की और राज्य में वन्यजीवों से फसल क्षति के विषय को प्रमुखता से रखा। साथ ही इस समस्या के निदान के लिए प्रस्तावित घेरबाड़ योजना को राष्ट्रीय कृषि विकास योजना में शामिल कर, प्रत्येक वर्ष 200 करोड़ रुपये का बजट उपलब्ध कराने का आग्रह किया। वर्ष 2025-26 में PM-RKVY योजना की दूसरी किस्त अवमुक्त करने का भी अनुरोध किया गया।
कृषि मंत्री जोशी ने केंद्रीय मंत्री से प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत वर्तमान स्वीकृत अनुदान राशि 1.30 लाख प्रति आवास को बढ़ाकर PM-जनमन योजना के समकक्ष दो लाख प्रति आवास किए जाने का अनुरोध भी किया। साथ ही उन्होंने PMGSY-प्रथम के अवशेष कार्यों को पूर्ण करने के लिए समय सीमा मार्च 2026 तक बढ़ाने और PMGSY-तृतीय के कार्यों की पूर्णता के लिए एक वर्ष का अतिरिक्त विस्तार देने की मांग भी रखी।
उन्होंने मनरेगा के तहत अकुशल श्रमिकों की दैनिक मजदूरी में बढ़ोतरी का मुद्दा भी उठाया। कहा कि मजदूरी दर को वर्तमान बाजार दरों के अनुरूप संशोधित किया जाना आवश्यक है, जिससे श्रमिकों के हितों की समुचित सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
प्रदेश में आपदा से कृषि भूमि और विभागीय परिसंपत्तियों को हुए व्यापक नुकसान की जानकारी देते हुए, कृषि मंत्री जोशी ने 37.53 करोड़ रुपये की वास्तविक क्षति की भरपाई को SDRF-NDRF मानकों से अलग धनराशि अवमुक्त करने का भी आग्रह किया।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आपदा में हुए नुकसान का योजनाओं के माध्यम से क्षतिपूर्ति की जाएगी और शीघ्र ही PM-RKVY योजना की दूसरी किस्त स्वीकृत की जाएगी। केंद्रीय मंत्री ने सभी मुद्दों पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए शीघ्र कार्यवाही का आश्वासन दिया।






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