उत्तराखंड के उधमसिंह नगर जनपद के सितारगंज (Sitarganj) क्षेत्र में आधार (Aadhaar) जैसी संवेदनशील पहचान प्रणाली से जुड़े एक सनसनीखेज और गंभीर मामले का खुलासा हुआ है। मंडी परिसर स्थित बाल विकास कार्यालय (Child Development Office) में संचालित आधार नामांकन एवं अपडेट केंद्र पर फर्जी फिंगरप्रिंट मोहर का प्रयोग कर आधार कार्ड अपडेट किए जा रहे थे। यही नहीं, केंद्र पर निर्धारित सरकारी शुल्क से अधिक धनराशि वसूलने की शिकायत भी सामने आई है। प्रशासन की गोपनीय सूचना और शिकायत के आधार पर की गई छापेमारी में आरोप सही पाए गए, जिसके बाद आधार केंद्र को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है। तहसील प्रशासन के अनुसार यह कृत्य न केवल सरकारी नियमों का उल्लंघन है, बल्कि इससे नागरिकों की पहचान, गोपनीयता और सुरक्षा पर भी गंभीर प्रश्न खड़े होते हैं। आधार जैसे दस्तावेज का दुरुपयोग बैंकिंग, सरकारी योजनाओं, सब्सिडी और पहचान सत्यापन जैसी कई प्रक्रियाओं को प्रभावित कर सकता है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार मामले में मोहम्मद फैजान (Mohammad Faizan) और विक्रम सिंह (Vikram Singh) की भूमिका सामने आई है। दोनों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच के लिए संबंधित विभागों को रिपोर्ट भेजी जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कितने आधार का
यह प्रकरण इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि आधार देश की सबसे महत्वपूर्ण पहचान प्रणाली है, जिस पर सरकारी योजनाओं, सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और वित्तीय सेवाओं की निर्भरता है। यदि आधार अपडेट की प्रक्रिया में इस प्रकार की धोखाधड़ी होती है, तो इससे न केवल आम नागरिकों को नुकसान पहुंचता है, बल्कि शासन-प्रशासन की विश्वसनीयता पर भी असर पड़ता है।
प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत केंद्रों पर ही आधार से संबंधित कार्य कराएं और किसी भी प्रकार की अतिरिक्त वसूली या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें।
र्ड इस फर्जी तरीके से अपडेट किए गए और इसका दायरा कितना व्यापक है।






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