उत्तरकाशी। मोक्षदायिनी मां गंगा ( भागीरथी ) के धरा अवतरण के पावन पर्व गंगा दशहरा पर सोमवार को गंगोत्री धाम में श्रद्धा, आस्था और भक्ति का अलौकिक समागम देखने को मिला।
प्रसिद्ध गंगोत्री धाम मंदिर परिसर में सुबह से ही वैदिक मंत्रोच्चारण शंखध्वनि और हर-हर गंगे के उद्घोष से संपूर्ण क्षेत्र गुंजायमान रहा। इस पर्व पर देश-विदेश से आए हजारों श्रद्धालु भागीरथी (गंगा) के पवित्र और शीतल जल में डुबकी लगाकर पुण्य लाभ अर्जित किया।
आपको बता दें कि गंगा दशहरा मुख्य रूप से माँ गंगा के स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरित होने (गंगावतरण) की स्मृति में मनाया जाता है। यह त्योहार हर साल ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को पड़ता है।पौराणिक कथाओं के अनुसार, राजा भगीरथ ने अपने पूर्वजों के उद्धार और मोक्ष के लिए कठोर तपस्या की थी, जिससे प्रसन्न होकर माँ गंगा स्वर्ग से धरती पर अवतरित हुई थीं।हिंदू धर्म में माँ गंगा को सबसे पवित्र और पाप-विनाशिनी माना गया है। मान्यता है कि इस दिन गंगा के जल में डुबकी लगाने से नकारात्मक कर्म धुल जाते हैं और मरणोपरांत मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस पावन अवसर पर गंगा नदी में स्नान करने के साथ-साथ जरूरतमंदों को दान देना (जैसे फल, वस्त्र, और सत्तू) बेहद पुण्यकारी माना जाता है। इससे भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।






.jpeg)








Copyright © 2026 News Bank. Designed & Developed by Digital Clik