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  • Written By: Admin
  • Published: September 08, 2025 08:12 PM IST
उत्तराखंड

1300 मतदाताओं के नाम हटाने पर मंत्री ने ग्रामीणों के बीच अफसरों की ली बैठक

शक्तिफार्म। कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने आनंदनगर खैरभट्टी के 1300 मतदाताओं के नाम वोटर सूची से काटने पर नाराजगी जतायी। सोमवार को आनंदनगर में अफसरों व ग्रामीणों की बैठक में मंत्री बहुगुणा ने तीन दिन में रिपोर्ट तलब की है। दूसरे हल्के के राजस्व उपनिरीक्षक व ग्राम विकास अधिकारी सर्वे करेंगे। मंत्री बहुगुणा ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश एसडीएम को दिये हैं। उन्होंने ग्रामीणों को मतदाता सूची में नाम जोड़ने का आश्वासन दिया।
 त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव से पहले हुए सर्वे के बाद आनंदनगर गांव के 125 भूमिधारी परिवारों सहित करीब तेरह सौ मतदाताओं के नाम निर्वाचन सूची से हटा दिये गये। ये मतदाता त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में मतदान नहीं कर पाये। ग्रामीणों ने उच्चाधिकारियों सहित अदालत का दरवाजा खटखटाया था। ग्रामीणों का कहना था कि कई परिवार भूमिधरी की जमीन में मकान बनाकर रह रहे हैं। अन्य परिवार वन विभाग की ओर से लीज में दी जमीन में दशकों से रह रहे हैं। हर बार मतदान करते रहे हैं। हाल में ग्रामीणों का शिष्टमंडल देहरादून में कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा से मिला था। मंत्री बहुगुणा ने शासन के उच्चाधिकारियों समेत जनपद के अफसरों के साथ बैठक कर समाधान के निर्देश दिये थे।

सोमवार को कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा आनंदनगर पहुंचे। अफसरों से मतदाता सूची में नाम काटने का कारण जाना। लेकन संतोषजनक उत्तर कोई नहीं दे पाया। अफसर इस बात को भी साबित नहीं कर पाये कि कौन वन भूमि व कौन राजस्व भूमि पर रह रहे हैं। बीएलओ ने किसके आदेश पर सर्वे नहीं किया। मौके पर किसी भी अफसर का लिखित आदेश नहीं दिखा। मौखिक आदेश पर ही सर्वे का काम नहीं हुआ। यहां तक कि सर्वे कर रही गांव की रहने वाली बीएलओ व उसके परिवारजनों का नाम भी मतदाता सूची से हट गया गया था। अरविंद नगर के ग्रामीणों के नाम भी मतदाता सूची से हटा दिये थे। जबकि ये लोग पिछले कई दशकों से अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे थे। ग्रामीणों ने मंत्री बहुगुणा को भूमिधरी के कागजात और पुरानी वोटर लिस्ट को दिखाते हुए कहा कि वह वर्षों से चुनाव में वोट डालते आए हैं। आरोप लगाया कि चुनाव से पहले सर्वे करने वाले कर्मियों की गलती से सैकड़ो परिवार हाशिए पर आ गए हैं। मंत्री बहुगुणा ने एसडीएम को निर्देशित किया कि दूसरे हल्कों के राजस्व उपनिरीक्षकों की टीम गठित कर तीन दिन में जांच की जाये। कि कौन परिवार किस भूमि में निवास करता है। भूमिधरी भूमि में रह रहे परिवारों के नाम वोटर सूची में अंकित करने की कार्रवाई की जाये। वन भूमि के मामले में जनपद भर की सभी तहसीलों की रिपोर्ट 31 अक्टूबर तक मांगी गयी है। सरकार रिपोर्ट को कैबिनेट में लाकर केंद्र को भेजेगी।  यहां एसडीएम रविंद्र जुवांठा, तहसीलदार हिमांशु जोशी, एडीओ पंचायत केसी बहुगुणा, उधम सिंह नगर सहकारी बैंक के निवर्तमान अध्यक्ष योगेंद्र रावत, हरीश बिष्ट, महेश कुमार, गोविंद तालुकदार, कैलाश पाठक, राजू डसीला, आशीष बिष्ट, राम सिंह, गोविंद पोखरिया, विक्रम भंडारी, चंदन बिष्ट मौजूद रहे।

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