ADVERTISMENT
  • Written By: Admin
  • Published: April 30, 2026 03:37 PM IST
उत्तराखंड

सुरक्षा को खतरा बने जिले के 56 जर्जर विद्यालय भवन जिला प्रशासन ने कराए ध्वस्त

देहरादून। मुख्य विकास अधिकारी/जिलाधिकारी सविन बसंल को प्रेषित रिपोर्ट के अनुसार, जनपद में चिन्हित कुल 64 पूर्णतः र्जीर्ण-शीर्ण विद्यालय भवनों में से 56 भवनों का ध्वस्तीकरण कार्य पूर्ण किया जा चुका है, जबकि शेष भवनों पर कार्रवाई प्रगति पर है।
गुरूवार को यहां जिला प्रशासन देहरादून द्वारा जनपद के जर्जर एवं निर्जीर्ण विद्यालय भवनों के ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया को तेज गति से संचालित किया जा रहा है। मुख्य विकास अधिकारी/जिलाधिकारी को प्रेषित रिपोर्ट के अनुसार, जनपद में चिन्हित कुल 64 पूर्णतः निर्जीर्ण विद्यालय भवनों में से 56 भवनों का ध्वस्तीकरण कार्य पूर्ण किया जा चुका है, जबकि शेष भवनों पर कार्रवाई प्रगति पर है। जिलाधिकारी के सख्त रूख कड़े निर्देश पर 64 जर्जर विद्यालय भवन निष्प्रोज्य ध्वस्त किए गए है। तथा शेष 8 निष्प्रोज्य भवन 1 माह के भीतर ध्वस्त कर दिए जाएंगे। इस सम्बन्ध में मुख्य शिक्षा अधिकारी ने जिलाधिकारी को अपनी आख्या प्रस्तुत की है। जिले में 04 माध्यमिक तथा 52 प्रारम्भिक विघालयों के भवनों का ध्वस्तीरकण किया जा चुका है। इसी प्रकार विघालयों में पूर्ण रूप से निष्प्रोज्य कक्षा कक्षों में माध्यमिक विद्यालय के 07 तथा प्रारम्भिक विद्यालय 10 कक्ष में से 14 का ध्वस्तीकरण किया गया है। तथा 03 निष्प्रोज्य कक्षा कक्षों को एक माह के भीतर ध्वस्त कर दिया जाएगा। जिलाधिकारी की सख्ती से जिले के जर्जर पड़े सैकड़ो स्कूल भवन पहलीबार एक साथ ध्वस्त किए गए है।
जिलाधिकारी द्वारा शिक्षा अधिकारियों, प्रधानाचार्यों की नकेल कसने पर जर्जर भवन के चिन्हिकरण एवं ध्वस्तीकरण की कार्यवाही हुई है। जिले के विकासखण्ड चकराता में 23, कालसी में 17, विकासनगर में 8, सहसपुर में 2, रायपुर में 14, डोईवाला में 17 विघालय भवन चिन्हित किए गए थे। जिनमें में से कुल 70 विघालय भवनों एवं विद्यालय कक्षों का ध्वस्तीकरण किया जा चुका है, शेष जिन विद्यालय भवनों एवं विघालय कक्षों ध्वस्तीकरण विभिन्न कारणों से पूर्ण नहीं हो पाया है, ऐसे 11 पूर्ण एवं आंशिक रूप से निर्जीर्ण भवनों को ध्वस्तीकरण हेतु एक माह का अतिरिक्त समय देने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि विघार्थियों की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता है, जर्जर भवनों को शीघ्र हटाकर सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जाएगा शिक्षण कार्य बाधित न हो, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था निरंतर जारी रहेगी। जिला प्रशासन ने जनपद के सभी जर्जर विद्यालय भवनों के ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया को प्राथमिकता पर लिया गया है। विघार्थियों की सुरक्षा के साथकृसाथ उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो, यह सुनिश्चित करना हमारी सर्वाेच्च जिम्मेदारी है, जिसके लिए मुख्य शिक्षा अधिकारी निर्देशित किया गया हैै। शेष भवनों पर भी शीघ्र कार्रवाई पूरी की जाएगी।

ADVERTISMENT

Today’s ePaper

Read today’s ePaper
ADVERTISMENT
ADVERTISMENT
×