देहरादून। मानवता और रिश्तों को शर्मसार करने वाले कई मामले सोमवार को जिलाधिकारी सविन बंसल के जनता दरबार में सामने आए। सबसे गंभीर मामले में 93 वर्षीय बुजुर्ग प्रेम सिंह ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी ने धोखाधड़ी कर उनके बैंक खाते से 10 लाख रुपये निकाल लिए। DM ने लीड बैंक अधिकारी को जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।
दूसरे मामले में बुजुर्ग मुन्नी देवी ने बताया कि पति की मृत्यु के बाद बेटे ने फर्जी वसीयतनामा बनाकर सारी संपत्ति और बैंक खातों की जमा धनराशि अपने नाम कर ली और उन्हें घर से निकाल दिया। DM ने बेटे के खिलाफ भरण-पोषण एक्ट में वाद दायर करने और वसीयत की विधिक जांच कराने के आदेश दिए।
ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित जनता दर्शन में जिलाधिकारी ने घरेलू कलह, भूमि विवाद, सीमांकन, प्रमाण-पत्र, आर्थिक सहायता, ऋण माफी और पेंशन संबंधी कुल 176 शिकायतें सुनीं।
विधवा नेहा ने पति के निधन के बाद लिए गए 5 लाख के ऋण को माफ करने की गुहार लगाई। DM ने लीड बैंक अधिकारी को जांच के निर्देश दिए।
80% दिव्यांग वकील साहनी की दिव्यांग पेंशन मौके पर ही स्वीकृत कर दी गई।
70 वर्षीय इंदू राजवंशी का आय प्रमाण पत्र बनाने के लिए तुरंत आवेदन कराया गया।
पंडितवाड़ी निवासी 60 वर्षीय लता त्यागी ने शिकायत की कि उनकी बहू ने उन्हें घर से निकालकर संपत्ति पर कब्जा कर लिया। DM ने बहू के खिलाफ भरण-पोषण एक्ट में वाद दर्ज कराने के आदेश दिए।
दुर्गा नगर निवासी बुजुर्ग राधा ने बताया कि उन्होंने देहरादून की चंदर नगर कॉलोनी में अपनी बेटी को रहने के लिए घर दिया था, लेकिन पिता की मृत्यु के बाद बेटी ने धोखे से रजिस्ट्री अपने नाम करा ली। DM ने एडीएम को सब-रजिस्ट्रार से रिपोर्ट तलब करने का निर्देश दिया।






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