रामनगर। प्रवेश शुल्क के नाम पर पर्यटकों से की जा रही वसूली को लेकर रामनगर में विवाद खड़ा हो गया है। सामाजिक कार्यकर्ता नरेंद्र शर्मा ने नगर पालिका द्वारा लगाए गए प्रवेश शुल्क का विरोध करते हुए इसे अवैध बताया और ठेकेदारों पर नियमों के विरुद्ध वसूली करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
नरेंद्र शर्मा का कहना है कि नियमानुसार नगर पालिका केवल अपने नगरीय क्षेत्र की सीमा के भीतर ही प्रवेश शुल्क वसूल सकती है, लेकिन इसके बावजूद पीडब्ल्यूडी मार्गों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर भी पर्यटकों से शुल्क लिया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि इससे रामनगर की पर्यटन छवि भी प्रभावित हो रही है।
उन्होंने बताया कि विरोध के दौरान नगर पालिका के अंतर्गत ठेका लिए ठेकेदारों के कर्मचारियों से उनकी तीखी बहस भी हुई। शर्मा ने आरोप लगाया कि जबरन शुल्क वसूली कर “अतिथि देवो भवः” की भावना को ठेस पहुंचाई जा रही है, जिससे पर्यटकों में गलत संदेश जा रहा है और पर्यटन पर नकारात्मक असर पड़ रहा है।
सामाजिक कार्यकर्ता ने नगर वन क्षेत्र का भी विशेष रूप से उल्लेख किया और कहा कि यह क्षेत्र नगर पालिका सीमा में नहीं आता, इसके बावजूद वहां भी प्रवेश शुल्क वसूला जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व में नगर पालिका द्वारा स्पष्ट किया गया था कि शुल्क केवल पालिका क्षेत्र में ही लिया जाएगा, लेकिन इसके बावजूद राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य मार्ग और नगर पालिका सीमा से बाहर वसूली की जा रही है।
वहीं इस मामले में नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी आलोक उनियाल ने कहा कि प्रकरण उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने बताया कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और यदि कहीं नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।






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