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  • Written By: Admin
  • Published: March 30, 2026 11:32 AM IST
  • Updated: March 30, 2026 11:48 AM IST
उत्तराखंड

लालकुआं स्टोन क्रेशर विवाद: साजिश, आरोप और सच्चाई की मांग

लालकुआं स्थित स्टोन क्रेशर को लेकर चल रही पर्यावरण मानकों की अनदेखी की खबरों के बीच मामला अब नया मोड़ लेता दिख रहा है। जहां एक ओर कुछ रिपोर्ट्स में नियमों के उल्लंघन की बात कही जा रही थी, वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोगों और क्रेशर संचालकों ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि यह एक सुनियोजित साजिश है, जिसके तहत उद्योग को बदनाम कर आर्थिक लाभ उठाने की कोशिश की जा रही है।

उद्योग से जुड़े लोगों के मुताबिक, खनन निदेशक के सख्त निर्देशों के बाद क्षेत्र में अवैध खनन पर पूरी तरह रोक लग चुकी है और सभी क्रेशर संचालक सरकार द्वारा तय नियमों का पारदर्शिता के साथ पालन कर रहे हैं। प्रदूषण नियंत्रण के लिए नियमित रूप से पानी का छिड़काव किया जा रहा है और सुरक्षा के लिहाज से बाउंड्री व अन्य जरूरी व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की गई हैं।

सबसे गंभीर आरोप एक कथित पत्रकार पर लगाए गए हैं, जिस पर महंगा मोबाइल फोन और सुविधा शुल्क मांगने का आरोप है। आरोप है कि मांग पूरी न होने पर झूठी और भ्रामक खबरें चलाकर दबाव बनाया जा रहा है। इस तरह की गतिविधियां न केवल उद्योग को नुकसान पहुंचा रही हैं, बल्कि पत्रकारिता की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े कर रही हैं।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि स्टोन क्रेशर से सैकड़ों लोगों को रोजगार मिल रहा है और कई परिवारों की आजीविका इससे जुड़ी हुई है। ऐसे में निराधार आरोपों के जरिए माहौल खराब करना क्षेत्र के हित में नहीं है।

अब लोगों और क्रेशर प्रबंधन ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए और जो भी दोषी हो, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके।

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