जयपुर में 1 दिसंबर की रात हुए सड़क हादसे ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां छीन लीं। तेज रफ्तार थार की टक्कर से 23 वर्षीय पारस शर्मा की मौत हो गई। हादसे से एक दिन पहले ही उसका रिश्ता तय हुआ था और 17 मार्च 2026 को शादी होनी थी। हादसे ने पूरे परिवार की दुनिया उजाड़ दी है।
पारस के घर में शोक का माहौल था। मां बेसुध-सी बैठी थीं, रिश्तेदार उन्हें संभाल रहे थे। दूसरे कमरे में दादा, पिता, भाई और अन्य परिजन रोते-बिलखते इंसाफ की मांग कर रहे थे। परिवार का कहना है कि “हमारा बेटा तो चला गया, लेकिन किसी और के साथ ऐसा न हो। दोषी को सजा जरूर मिले।”
महिला क्रिकेटर भव्या चौधरी चला रही थी थार:
एक्सीडेंट थाना साउथ की प्रभारी अंजू कुमारी ने बताया कि हादसा ज्योतिनगर थाना क्षेत्र से करीब 700 मीटर दूर विधानसभा के पास हुआ। रात 10 बजे पारस अपनी इलेक्ट्रिक स्कूटी से जा रहा था। पीछे उनकी बुआ नंदिनी बैठी थीं। तेज रफ्तार थार ने स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के बाद पारस गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
बुआ नंदिनी के पैर में गंभीर चोटें आई हैं और वह एसएमएस अस्पताल में भर्ती हैं। थार चलाने वाली महिला क्रिकेटर भव्या चौधरी को पुलिस ने उसी रात गिरफ्तार कर लिया था।
दादा का छलका दर्द — “भगवान मुझे उठा लेता, पोते को नहीं”
पारस के दादा सत्यनारायण शर्मा रोते हुए बोले, “पारस हमारे परिवार का सूरज था, जो अस्त हो गया। मैं बूढ़ा आदमी हूं, भगवान मुझे उठा लेता, हमारे बच्चे को क्यों छीन लिया।”
उन्होंने बताया कि हादसे से एक दिन पहले ही (30 नवंबर) पारस का रिश्ता पक्का हुआ था। 17 मार्च को शादी की तारीख तय थी। परिवार में जश्न का माहौल था, लेकिन अब सब खत्म हो गया।
हादसे वाले दिन शाम 4 बजे पारस से बात हुई थी। उसे बुलाया था, लेकिन वह आने से मना कर गया। रात 10 बजे हादसे की खबर मिल गई।
परिवार की मांग — “कानून अपना काम करे, ताकि किसी और का बेटा न जाए”
परिवार का कहना है कि वे न्याय चाहते हैं। उनका कहना है कि यदि सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो ऐसे हादसे दोबारा होंगे। पुलिस ने IPC की धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।






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