उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में डीरेगुलेशन (विनियमन मुक्ति) को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों को अपने-अपने प्राथमिक क्षेत्रों में आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जिन बिंदुओं पर विभागीय स्तर पर डीरेगुलेशन की कार्रवाई पूर्ण हो सकती है, उसका नोटिफिकेशन तुरंत जारी किया जाए। वहीं, जिन प्रकरणों को कैबिनेट स्तर से संशोधित करने की आवश्यकता है, उसका विवरण तैयार किया जाए और भारत सरकार को प्रेषित किया जाना सुनिश्चित किया जाए।
मुख्य सचिव ने लंबित प्रकरणों में तेजी लाने पर जोर देते हुए कहा कि इससे राज्य में व्यवसाय और उद्योगों को और अधिक बढ़ावा मिलेगा। डीरेगुलेशन प्रक्रिया के तहत सरकारी नियमों और नियंत्रण को न्यूनतम किया जाता है। सिंगल विंडो सिस्टम जैसी पहलों के माध्यम से प्रतिस्पर्धा, दक्षता और नवाचार को बढ़ावा देकर निवेश और व्यापार में सरलता सुनिश्चित की जाती है।






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