“भारत ने आतंकवाद को राक्षसी वृत्ति माना” — मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
लखनऊ। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत ने सदियों पहले ही आतंकवाद को राक्षसी वृत्ति के रूप में परिभाषित किया था और आज राष्ट्र उसी विचारधारा को आधार बनाकर वैश्विक आतंक के खिलाफ सबसे मजबूत लड़ाई लड़ रहा है।
योगी आदित्यनाथ मंगलवार को लखनऊ के सुलतानपुर रोड स्थित ब्रह्माकुमारी राजयोग सेंटर, गुलजार उपवन में आयोजित राज्य स्तरीय विश्व एकता एवं विश्वास ध्यान समारोह में संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में हजारों साधक, आध्यात्मिक गुरु और समाजसेवी उपस्थित रहे।
सकारात्मकता बनाम नकारात्मकता – मन ही तय करता है दिशा
मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में दो ही रास्ते हैं—एक दिशा हमें सकारात्मकता, सही सोच और अच्छे कर्मों की ओर ले जाती है, जबकि दूसरी दिशा नकारात्मकता और विनाश का कारण बनती है।
उन्होंने कहा कि भारत की ऋषि परंपरा ने मनुष्य के मन को ही उसके बंधन और मोक्ष का कारण बताया है। सद्गुरु रविदास जी का प्रसिद्ध संदेश — “मन चंगा तो कठौती में गंगा” देते हुए उन्होंने कहा कि जो मनुष्य अपने चंचल मन को अंतर्मुखी कर लेता है, वही आत्मिक संतोष, शांति और विश्व कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है।
आतंकवाद की जड़ — मन की उग्र और बहिर्मुखी वृत्ति
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दुनिया में बढ़ते आतंकवाद, उपद्रव और अराजकता के पीछे मन की वही उग्र प्रवृत्तियाँ जिम्मेदार हैं, जो व्यक्ति को नकारात्मक दिशा में धकेल देती हैं।
उन्होंने स्पष्ट कहा—“जहां अव्यवस्था और अराजकता दिखती है, वहां मन की बहिर्मुखी और नकारात्मक वृत्ति सक्रिय होती है। भारत की आध्यात्मिक परंपरा इन वृत्तियों को राक्षसी मानकर उनके विरुद्ध संघर्ष करती आयी है।”
विश्व ने योग को अपनाया — भारत की सांस्कृतिक शक्ति को सम्मान
मुख्यमंत्री ने इस बात पर गर्व जताया कि 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने योग को वैश्विक मंच पर ऐसी पहचान दिलाई कि संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’ घोषित किया। आज योग न केवल स्वास्थ्य का माध्यम है, बल्कि विश्व एकता और शांति का वैश्विक संदेश भी बन चुका है।






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