देहरदून। मसूरी में देर रात आये तेज आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश ने शहर के कई स्थानों पर भारी तबाही मचा दी, जिससे जन जीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया। शहर के कई इलाकों में पेड़ गिरने, भवनों को नुकसान पहुंचने और सड़कें बाधित होने की घटनाएं भी सामने आईं।
पहाड़ों की रानी मसूरी में देर रात आए तेज आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचा दी। तेज हवाओं और लगातार हो रही बारिश से शहर की रफ्तार पूरी तरह थम गई और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। शहर के कई इलाकों में पेड़ गिरने, भवनों को नुकसान पहुंचने और सड़कें बाधित होने की घटनाएं सामने आईं। हालांकि, गनीमत रही कि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, वरना हादसे बड़े रूप ले सकते थे। वहीं, मसूरी में बिजली सेवा और पेयजल सेवा भी प्रभावित हो गई है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन और राहत टीमें देर रात तक हालात सामान्य करने में जुटी रहीं। घटना की सूचना मिलते ही पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी अधिकारियों और सभासदों के साथ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचीं और हालात का जायजा लिया।मौसम खराब होने के कारण देर रात तक कई मार्गों पर आवाजाही प्रभावित रही। नगर पालिका और प्रशासन की टीमें मलबा और गिरे पेड़ों को हटाने में जुटी रहीं। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी तेज बारिश और आंधी की संभावना जताई है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि मसूरी में हर बरसात के मौसम में सूखे और जर्जर पेड़ खतरा बने रहते हैं। तेज बारिश और तूफान के दौरान ये पेड़ कभी भी गिर सकते हैं, जिससे जानमाल का बड़ा नुकसान होने की आशंका बनी रहती है। लोगों ने प्रशासन और वन विभाग से तत्काल संयुक्त अभियान चलाकर खतरनाक पेड़ों को चिन्हित कर हटाने की मांग की है। बताया जा रहा है कि आधंी तूफान से दुगगल विला, हुसैनगंज, तिलक रोड ,बीएसएनएल कार्यालय क्षेत्र और अन्य इलाकों में भी पेड़ गिरने व संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचा है। तेज तूफान के चलते बीएसएनएल कार्यालय की टिन की छत उड़कर मुख्य सड़क पर आ गिरी। वहीं कार्यालय परिसर के पास खड़ा एक बड़ा पेड़ भी टूटकर भवन पर गिर पड़ा। देर रात अचानक हुए इस घटनाक्रम से क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने किसी तरह सुरक्षित स्थानों पर पहुंचकर जान बचाई।






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