उत्तराखंड की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है, जहां हरीश रावत के 15 दिन के अवकाश पर जाने के फैसले ने पार्टी के भीतर हलचल पैदा कर दी है। इस निर्णय पर उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और प्रवक्ता धीरेंद्र प्रताप ने गहरी चिंता और दुख व्यक्त किया है।
रामनगर में मीडिया से बातचीत करते हुए धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि किसी भी परिवार के मुखिया का अचानक अवकाश पर जाना पूरे परिवार के लिए चिंता का विषय होता है। उन्होंने कहा कि यद्यपि हर व्यक्ति को आराम की आवश्यकता होती है, लेकिन हरीश रावत जैसे सक्रिय और समर्पित नेता के लिए पार्टी की गतिविधियों से दूर रहना असामान्य प्रतीत होता है।
उन्होंने इस फैसले के पीछे किसी आंतरिक पीड़ा या असंतोष के संकेत होने की बात कही और जोर दिया कि पार्टी आलाकमान को इस विषय को गंभीरता से लेते हुए समाधान निकालना चाहिए। धीरेंद्र प्रताप ने हरीश रावत के लंबे राजनीतिक जीवन और कांग्रेस के प्रति उनकी निष्ठा का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी सेवाओं का सम्मान किया जाना अत्यंत आवश्यक है।
हाल ही में हरिद्वार स्थित जय राम आश्रम में ब्रह्मचारी जी के जन्मदिवस के अवसर पर हुई मुलाकात का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि हरीश रावत ने उनसे बातचीत के लिए संकेत दिए थे। धीरेंद्र प्रताप ने यह भी कहा कि वे जल्द ही उनसे व्यक्तिगत रूप से मिलकर इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा करेंगे और उनसे अपने अवकाश के फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह करेंगे।
उन्होंने अंत में कहा कि हरीश रावत केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक संस्था हैं, और वर्तमान उत्तराखंड की राजनीति में उनके कद का कोई दूसरा नेता नजर नहीं आता।






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