ADVERTISMENT
  • Written By: Admin
  • Published: March 13, 2026 04:50 PM IST
  • Updated: March 13, 2026 04:50 PM IST
उत्तराखंड

हरिद्वार में LPG गैस सिलेंडर को लेकर प्रशासन सख्त: कालाबाजारी पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश

Haridwar में एलपीजी गैस सिलेंडरों की आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। इसी क्रम में जिलाधिकारी Mayur Dixit ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की।

बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जनपद में एलपीजी गैस की आपूर्ति नियमित, पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से सुनिश्चित की जाए।

ऑनलाइन सिस्टम में दिक्कत से बढ़ी परेशानी

बैठक के दौरान जिला पूर्ति अधिकारी मुकेश पाल ने जानकारी दी कि जनपद में वर्तमान में 42 गैस एजेंसियां संचालित हैं और एलपीजी गैस की कोई कमी नहीं है।

हालांकि ऑनलाइन सिस्टम में तकनीकी समस्या आने के कारण उपभोक्ताओं को ओटीपी प्राप्त नहीं हो रहा, जिससे ऑनलाइन बुकिंग में दिक्कत आ रही है। इसके चलते गैस एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की भीड़ भी बढ़ गई है।

कालाबाजारी पर प्रशासन की सख्ती

जिलाधिकारी Mayur Dixit ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनपद में किसी भी स्थिति में एलपीजी गैस सिलेंडरों की ब्लैक मार्केटिंग या अनियमित वितरण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा

इसके लिए सभी गैस एजेंसियों पर नोडल अधिकारी नियुक्त कर नियमित निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

अधिकारियों को दिए मॉनिटरिंग के निर्देश

बैठक में सभी उपजिलाधिकारियों और खंड विकास अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में गैस एजेंसियों की नियमित जांच और मॉनिटरिंग करने को कहा गया।

यदि कहीं अधिक कीमत वसूली, कालाबाजारी या अनियमित वितरण की शिकायत मिलती है तो संबंधित एजेंसी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

शिकायत के लिए जारी किए हेल्पलाइन नंबर

जिलाधिकारी ने उपभोक्ताओं से अपील की कि यदि एलपीजी गैस सिलेंडर की आपूर्ति, अधिक कीमत वसूली या अन्य किसी समस्या का सामना करना पड़े तो वे निम्न नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं:

  • कंट्रोल रूम: 01334-239444

  • टोल फ्री नंबर: 01334-1077

  • मोबाइल नंबर: 9068197350

प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि प्राप्त शिकायतों का त्वरित निस्तारण किया जाएगा।

बैठक में मौजूद रहे ये अधिकारी

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्र, एचआरडीए सचिव मनीष कुमार, उपजिलाधिकारी जितेंद्र कुमार, जिला विकास अधिकारी वेदप्रकाश, सहायक परियोजना निदेशक नलिनीत घिल्डियाल सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

ADVERTISMENT

Today’s ePaper

Read today’s ePaper
ADVERTISMENT
ADVERTISMENT
×