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  • Written By: Admin
  • Published: June 02, 2026 02:46 PM IST
राज्य

पर्यटन सीजन में मसूरी में पेयजल संकट

मसूरी। एक ओर जहां उत्तराखण्ड में पर्यटन सीजन चरम पर है। वहीं इन दिनों पहाड़ों की रानी मसूरी एक बार फिर पेयजल संकट काफी हद तक हो गया है। शहर के कई इलाकों में पानी की आपूर्ति बाधित होने से होटल व्यवसायी, होमस्टे संचालक, व्यापारी और स्थानीय लोग परेशान हैं। हालात इस कदर बिगड़ गए हैं कि करोड़ों रुपये की यमुना पंपिंग पेयजल योजना पर भी सवाल उठने लगे हैं। पानी की किल्लत झेल रहे स्थानीय लोगों सहित कई संगठनों ने गढ़वाल जल संस्थान कार्यालय पहुंचकर अधिकारियों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी भी की।
इस मामले में होटल व्यवसायियों का कहना है कि इस समय मसूरी में पर्यटकों की भारी आमद है, लेकिन पानी की आपूर्ति सामान्य दिनों से भी कम हो रही है। कई क्षेत्रों में नलों में पर्याप्त प्रेशर तक नहीं है। जिससे होटल, रेस्तरां और स्थानीय परिवारों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। होटल एसोसिएशन के सचिव अजय भार्गव ने कहा कि मसूरी की पेयजल समस्या को स्थायी रूप से खत्म करने के लिए करीब 144 करोड़ रुपये की यमुना पंपिंग पेयजल योजना शुरू की गई थी। उस समय दावा किया गया था कि वर्ष 2054 तक मसूरी में पानी की कमी नहीं होगी, लेकिन वर्तमान हालात दावों के बिल्कुल विपरीत हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जल निगम और जल संस्थान के बीच समन्वय की कमी का खामियाजा जनता और पर्यटन व्यवसाय को भुगतना पड़ रहा है। जल संस्थान जल निगम पर और जल निगम जल संस्थान पर जिम्मेदारी डाल रहा है, जबकि परेशान जनता समाधान की राह देख रही है।
 अजय भार्गव ने कहा कि यदि पर्यटक मसूरी घूमने आएं और उन्हें होटल में पानी तक उपलब्ध न हो तो इसका सीधा असर शहर की छवि पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में पर्यटकों को बेहतर सुविधाओं के बजाय पानी की कमी, ट्रैफिक जाम और चालान जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। जिससे पर्यटन कारोबार प्रभावित हो रहा है।

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