हल्द्वानी— छठवें राज्य वित्त आयोग की टीम ने बुधवार को हल्द्वानी सर्किट हाउस में जिले के नगर निकायों, त्रिस्तरीय पंचायतों के निर्वाचित सदस्यों और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर जनसुनवाई की।
बैठक में विकास, बजट और राजस्व बढ़ोतरी से जुड़े सुझावों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक की अध्यक्षता आयोग के अध्यक्ष एन. रविशंकर ने की, जबकि सदस्य पी.एस. जंगपांगी और डॉ. एम.सी. जोशी भी उपस्थित रहे।
रविशंकर ने बताया कि सभी जिलों से प्राप्त सुझावों को रिपोर्ट में शामिल कर जनवरी 2026 में राज्य सरकार को सौंपा जाएगा, जिसे अप्रैल 2026 से लागू किया जाएगा।
उन्होंने कहा, “विकसित भारत का मार्ग विकसित नगर निकायों और पंचायतों से होकर जाता है। इसके लिए आगामी 20 वर्षों की विकासात्मक कार्ययोजना तैयार की जाएगी।”
बैठक के दौरान मेयर गजराज बिष्ट ने नगर निगम हल्द्वानी के विस्तारित वार्डों के अनुपात में बजट, मैनपावर और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को सुदृढ़ करने की मांग रखी।
विभिन्न निकायों के अध्यक्षों और अधिकारियों ने वित्तीय संसाधन बढ़ाने और नजूल भूमि से संबंधित समस्याओं के समाधान पर भी जोर दिया।
पंचायत प्रतिनिधियों ने जंगली जानवरों की रोकथाम, सोलर फेंसिंग, आपदा राहत फंड और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन हेतु बजट वृद्धि की मांग की।
राजनीतिक दलों — भाजपा के प्रताप बिष्ट, कांग्रेस के राहुल छीमवाल और बसपा के शिव गणेश ने जिले की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त बजट आवंटन का सुझाव रखा।
बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दरमवाल, उपाध्यक्ष देवकी बिष्ट, एडीएम विवेक राय, नगर आयुक्त परितोष वर्मा, ब्लॉक प्रमुखों और अन्य अधिकारियों ने भी भाग लिया।
बैठक के बाद आयोग की टीम ने नगर निगम कार्यालय, मंगल पड़ाव और मंडी क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया।






.jpeg)








Copyright © 2026 News Bank. Designed & Developed by Digital Clik