11 मार्च 2026 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर पूर्व सैनिकों का विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया, जो Ex-Servicemen Department – All India Congress Committee (AICC) के बैनर तले हुआ। इस धरने का मुख्य उद्देश्य पूर्व सैनिकों की डिसेबिलिटी पेंशन, ECHS भुगतान, अग्निपथ योजना और सम्मान की सुरक्षा जैसी प्रमुख मांगों को जोरदार तरीके से उठाना था।
पार्टी के पूर्व सैनिक विभाग के चेयरमैन कर्नल रोहित चौधरी ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के संकल्प के अनुसार सैनिक समाज के अधिकारों और सम्मान की लड़ाई सड़क से लेकर संसद तक लगातार जारी है।
29 दिसंबर 2025: राहुल गांधी ने Parliamentary Standing Committee on Defence में पूर्व सैनिकों से जुड़े मुद्दे उठाए।
9 फरवरी 2026: संसद में पूर्व सैनिकों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना।
25 फरवरी 2026: वित्त मंत्री और रक्षा मंत्री को पत्र लिखकर पूर्व सैनिकों की समस्याओं का समाधान मांगने की अपील।
Save Disability Pension: डिसेबिलिटी पेंशन पर प्रस्तावित टैक्स को समाप्त किया जाए।
Save ECHS: ECHS के तहत लगभग ₹14,000 करोड़ के लंबित बकाया तुरंत जारी किए जाएं।
अग्निपथ योजना को समाप्त किया जाए।
सैनिकों के साथ मारपीट और अपमान की घटनाओं पर रोक।
ज्ञात हो कि दिव्यांग सैनिकों की डिसेबिलिटी पेंशन टैक्स-फ्री व्यवस्था 1922 से लागू है और इसे स्वतंत्र भारत में प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने भी जारी रखा था। इसके बावजूद मोदी सरकार ने 2026 के बजट में इसे टैक्स योग्य बनाने का प्रस्ताव रखा, जिसे सैनिक समाज ने अन्यायपूर्ण बताया।
उत्तराखंड पूर्व सैनिक कांग्रेस के अध्यक्ष कर्नल रामरतन नेगी के नेतृत्व में प्रदेश के पूर्व सैनिक कांग्रेस पदाधिकारियों ने रैली में बड़ी संख्या में भाग लिया। रैली में लेफ्टिनेंट गोपाल गड़िया, सूबेदार कुन्दन सिंह, सूबेदार कमल सिंह, कैप्टन बचन सिंह, सूबेदार बृज पाल, सूबेदार सुरजीत सहित लगभग 150 पूर्व सैनिक और कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे।
वक्ताओं ने चेताया कि देश में सुरक्षा अभियानों के बीच यदि सैनिकों और पूर्व सैनिकों का मनोबल गिरता है, तो यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय बन सकता है।






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