पौड़ी। पौड़ी जिले में बारिश और अतिवृष्टि से खेती को हुए नुकसान का मुआवजा 1915 किसानों को दिया गया है। जिले में सड़कों के साथ ही खेती को भी काफी नुकसान आपदा में हो गया था। सैंजी सहित अन्य गांवों में आई आपदा के कारण इस बार किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ी। बारिश के साथ आए भारी मलबे से या खेत पट गए थे या फिर तेज बहाव की वजह से खेत ही बह गए थे। ऐसे में इस बार किसानों के हाथ मंडुवा व धान नहीं आया और नुकसान झेलना पड़ा। आपदा के बाद इसका भी आंकलन किया गया था। जिले के पाबौ, थलीसैंण, कोट , कल्जीखाल मं किसानों की खेती को नुकसान हो गया था। बीती 6 अगस्त को आई आपदा के चपेट में खेती के भी आने के बाद कृषि और राजस्व विभागों ने नुकसान का आंकलन किया था। जिले में करीब 39.96 हेक्टेअर रकबा आपदा से प्रभावित हुआ है। मुख्य कृषि अधिकारी पौड़ी डॉ वीकेएस यादव ने बताया कि 1915 किसानों की मंडुआ, धान आदि फसलों को नुकसान हुआ था। इसका आंकलन करने के बाद मुआवजा वितरित किया गया है।इसमें फलद्वाड़ी, सैंजी, बुरांशी, बजवाड़, भैस्वाड़ा, कंडेरी, चैड, बरसीला, धुलेत, कुल्याणी, कलूण, छानी, मरखोला, मरोड़ा, पनाउ, गडसारी, कैन्यूर, मासौ, बूंगीधार, थान, मातोली व पोखरी आदि गांव शामिल है। पैसा 2200 प्रति किसान के हिसाब से मुआवजा दिया गया है। आपदा में 50 नाली पर 18 हजार की राशि ही दी जाती है।






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