उत्तराखंड में भ्रष्टाचार और अवैध खनन के खिलाफ सरकार ने बड़ा कदम उठाया है।
एक ऑडियो सामने आने के बाद मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami के निर्देश पर हरिद्वार जिले की इकबालपुर पुलिस चौकी के पूरे स्टाफ को निलंबित कर दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद एक बार फिर राज्य में कानून व्यवस्था और सिस्टम में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर बहस तेज हो गई है।
राज्य में कानून व्यवस्था को लेकर सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत यह सख्त कार्रवाई की गई है। जानकारी के अनुसार अवैध खनन से जुड़ा एक ऑडियो सामने आया था, जिसमें पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
इसके बाद हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने तत्काल निर्णय लेते हुए इकबालपुर पुलिस चौकी के पूरे स्टाफ को निलंबित कर दिया।
निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों में शामिल हैं:
उपनिरीक्षक नवीन सिंह चौहान (चौकी प्रभारी)
हेड कांस्टेबल विरेन्द्र शर्मा
हेड कांस्टेबल हरेन्द्र
कांस्टेबल विपिन कुमार
कांस्टेबल देवेश सिंह
कांस्टेबल प्रदीप
मामले की विस्तृत जांच एसपी देहात को सौंप दी गई है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि अवैध खनन के मामले में पुलिसकर्मियों की क्या भूमिका रही और क्या किसी प्रकार की मिलीभगत थी।
मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने साफ कहा है कि राज्य में अवैध खनन, भ्रष्टाचार या किसी भी तरह की अनियमितता को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी जिन अधिकारियों पर है, यदि वही अपने कर्तव्यों में लापरवाही या गलत गतिविधियों में शामिल पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि इस घटना के बाद यह सवाल भी उठने लगे हैं कि जब सरकार लगातार भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखंड की बात कर रही है, तो फिर सिस्टम में इस तरह की घटनाएं सामने क्यों आ रही हैं।
फिलहाल सरकार ने साफ संकेत दे दिया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त कार्रवाई से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी।






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