ADVERTISMENT
  • Written By: Admin
  • Published: April 25, 2026 03:02 PM IST
  • Updated: April 25, 2026 03:06 PM IST
उत्तराखंड

आगामी विधानसभा चुनाव में उत्तराखण्ड भाजपा को फिर मोदी लहर चलने की बड़ी उम्मीदें

देहरादून। उत्तराखंड राज्य बनने से लेकर 2017 तक का इतिहास रहा है कि सूबे का मतदाता राजनीतिक बदलाव में विश्वास करता है। जिसके चलते कभी प्रदेश में कांग्रेस तो कभी भाजपा का शासन रहा। किन्त 2017 के विधानसभा चुनाव के बाद से मतदाता मोदी लहर में गोते लगाने लगा और उसी में रम गया। इसका यह प्रत्यक्ष उदाहरण है कि सूबे में मतदाताओं ने लगातार दो बार भाजपा को ही सत्ता सौंप दी। वहीं दूसरी ओर ंउत्तराखंड में बीजेपी को उम्मीद है कि इस बार भी पिछली बार की तरह ’मोदी लहर’ के सहारे पार्टी सत्ता में वापसी की उम्मीद है।
बता दें कि 2017 और 2022 में भाजपा की ऐतिहासिक जीत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रभाव महत्वपूर्ण था। उन चुनावों में भाजपा की प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस सीटें लाने में सफल नहीं हुई थी। सत्ता से दूर बैठी कांग्रेस के लिए इस बार जमीन पर मेहनत करने की ज्यादा जरूरत है। हालांकि, राजनीतिक जानकार इस बार भाजपा की संभावनाओं को ज्यादा नहीं आंकते हैं। उनका कहना है कि लगातार दो बार सरकार में रहते हुए कई आरोप और युवाओं के मन को भाजपा अभी तक भांप नहीं पाई है और अपने विकास कार्यों के साथ-साथ मोदी लहर को भी जीत का आधार बनाकर चल रही है।
भाजपा की मानें तो सरकार ने प्रदेश में विकास के लिए केंद्र के सहयोग से बहुत काम किए है। भाजपा की मानें तो प्रदेश में बुनियादी ढांचा और कनेक्टिविटी, सांस्कृतिक और पर्यटन का विकास के साथ-साथ कई ऐसे फैसले लिए है, जो देश के लिए नजरी बने है। इसके साथ ही विकास की उस गंगा को गांव-गांव तक पहुंचाया है, जिसकी लंबे समय से प्रदेश की जनता वाट जोह रही थी। उत्तराखंड में पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार द्वारा लागू किए गए समान नागरिक संहिता और धर्मांतरण विरोधी कानूनों को मोदी ने साहसी कदम बताया है, जिससे जनता के बीच उनकी स्वीकार्यता बढ़ी है। यही नहीं राज्य में लगातार विकास, राष्ट्रीय सुरक्षा और हिंदुत्व के एजेंडे पर केंद्रित है। इससे प्रदेश की जनता का रूख भाजपा की ओर है।
वही दूसरी ओर राजनीतिक विशलेषकों का इस मामले में कहना यह है कि फिलहाल राज्य की जनता भाजपा के कामकाज की शैली से बहुत खुश नजर नही आ रही। 2017 और 2022 के विधानसभा चुनाव में मोदी फैक्टर ने पार्टी की नैया पार लगाई थी, लेकिन इस बार क्या मोदी लहर चल पाएगी या नहीं यह चुनाव की घोषणा और परिणाम के बाद ही पता चल पाएगा। राजनीतिक जानकारों की माने तो इस बार भाजपा के लिए परिस्थितियां काफी चुनौतिपूर्ण होंगी। हालांकि भाजपा मोदी लहर के साथ-साथ विकास को भी अपनी जीत का आधार मानकर चल रही है, लेकिन हकीकत का पता बाद में चल पाएगा। विधानसभा चुनाव में अभी समय है और भाजपा जहां इस बार भी मोदी लहर की उम्मीद लगाए है।

ADVERTISMENT

Today’s ePaper

Read today’s ePaper
ADVERTISMENT
ADVERTISMENT
×