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  • Written By: Admin
  • Published: April 07, 2026 04:05 PM IST
  • Updated: April 07, 2026 04:18 PM IST
उत्तराखंड

मंत्री मदन कौशिक ने आयुष विभाग की कार्यप्रणाली और विश्वविद्यालय के मामलों की समीक्षा की

देहरादून। उत्तराखंड के आयुष एवं आयुष शिक्षा मंत्री मदन कौशिक ने विधान सभा स्थित सभागार कक्ष में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। मंत्री ने कहा कि आयुष विभाग राज्य की दृष्टि से महत्वपूर्ण है और इसके अंतर्गत 3 राजकीय परिसरों, 13 जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी सेवा कार्यालय, 21 निजी महाविद्यालय और 13 जिला होम्योपैथिक कार्यालय सहित कई अन्य संस्थाएं संचालित हैं।

बैठक में मुख्य रूप से निम्नलिखित मुद्दों पर चर्चा हुई:

  • आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कार्यों की समीक्षा: शिक्षा और शोध गतिविधियों के साथ विश्वविद्यालय से जुड़ी लंबित समस्याओं का समाधान करने हेतु महानिदेशक की अध्यक्षता में कमेटी का गठन।

  • धार्मिक पर्यटन से जुड़ी योजनाएं: धार्मिक स्थलों में स्थित धर्मशालाओं और बड़े होटलों को आयुर्वेद और योग से जोड़कर पर्यटन को बढ़ावा देने की योजना।

  • वैलनेस सेवाओं का विस्तार: ब्लॉक और न्याय पंचायत स्तर पर योग, पंचकर्म और वैलनेस सुविधाओं की अवधारणा लागू करने के प्रयास।

  • मानव संसाधन एवं भर्ती: प्रदेश में 852 आयुर्वेदिक चिकित्सालय, 5491 आयुर्वेदिक डॉक्टर, 1226 होम्योपैथिक डॉक्टर, 201 यूनानी डॉक्टर, 10 सिद्ध डॉक्टर और 18 प्राकृतिक चिकित्सा डॉक्टर उपलब्ध हैं। मंत्री ने अधिकारियों को रिक्त पदों पर अधियाचन भेजकर जल्द भरने के निर्देश दिए।

मंत्री कौशिक ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि अन्य विभागों के साथ समन्वय कर लंबित समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए और विभाग ऐसी नीति बनाएं जिससे आम जनता को लाभ पहुंचे।

इस अवसर पर सचिव आयुष रंजना राजगुरू, अपर सचिव/निदेशक विजय कुमार जोगदंडे और अन्य वरिष्ठ विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

मंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में आयुर्वेद को बड़े संसाधन के रूप में स्थापित करना सरकार की प्राथमिकता है और इसके लिए हर स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं।

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