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  • Written By: Admin
  • Published: March 31, 2026 05:19 PM IST
  • Updated: March 31, 2026 05:20 PM IST
उत्तराखंड

अल्मोड़ा में “मिशन 2027” की शुरुआत: भाजपा-कांग्रेस के विकल्प की तैयारी तेज

अल्मोड़ा में आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। “मिशन 2027” के तहत होटल शिखर में आयोजित एक अहम रणनीतिक बैठक में राज्य की क्षेत्रीय राजनीतिक शक्तियों और जनपक्षीय संगठनों ने एकजुट होकर भाजपा और कांग्रेस के विकल्प के रूप में एक मजबूत राजनीतिक मोर्चा तैयार करने का संकल्प लिया।

इस बैठक में उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी, उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा, उत्तराखंड लोक वाहिनी, हिमालय क्रांति पार्टी, इंडिया ग्रीन्स पार्टी और भारत की लोक जिम्मेदार पार्टी समेत कई दलों, सामाजिक संगठनों, बुद्धिजीवियों और जनआंदोलन से जुड़े प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि राज्य गठन के 25 साल बाद भी उत्तराखंड शहीदों के सपनों पर खरा नहीं उतर पाया है और इसके लिए भाजपा और कांग्रेस दोनों समान रूप से जिम्मेदार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की राजनीति “दिल्ली के रिमोट कंट्रोल” से संचालित हो रही है, जिससे स्थानीय मुद्दे पीछे छूट गए हैं।

बैठक में राज्य के सामने खड़ी गंभीर चुनौतियों पर भी चर्चा हुई। इनमें अंकिता भंडारी हत्याकांड, बढ़ती बेरोजगारी, प्राकृतिक संसाधनों का दोहन, महिला अपराधों में वृद्धि, जंगली जानवरों का आतंक और सरकारी विभागों में रिक्त पदों पर भर्ती न होना प्रमुख मुद्दे रहे। इन सभी को सरकार की विफलताओं के उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया गया।

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि सभी जनपक्षीय, लोकतांत्रिक और क्षेत्रीय ताकतों को एक साझा मंच पर लाकर एक सशक्त राजनीतिक विकल्प तैयार किया जाएगा। यह मोर्चा रोजगार सृजन, पलायन रोकने, जल-जंगल-जमीन की रक्षा और क्षेत्रीय अस्मिता जैसे मुद्दों को केंद्र में रखकर आगे बढ़ेगा।

पी.सी. तिवारी (केंद्रीय अध्यक्ष, उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी) ने आह्वान किया कि उत्तराखंडी सोच रखने वाले सभी लोगों को निस्वार्थ भाव से एकजुट होना होगा, तभी शहीदों के सपनों का उत्तराखंड साकार किया जा सकेगा।

बैठक का संयोजन प्रभात ध्यानी ने किया, जबकि संचालन चारु तिवारी द्वारा किया गया। इस दौरान राजीव लोचन साह, भूपेन्द्र कोरंगा सहित कई प्रमुख लोग मौजूद रहे।

बैठक में यह भी तय किया गया कि “मिशन 2027” को गांव-गांव और जन-जन तक पहुंचाया जाएगा, ताकि एक व्यापक जनसमर्थन तैयार किया जा सके और राज्य में एक नए राजनीतिक विकल्प को मजबूत आधार मिल सके।

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